चालक दल के विश्राम मानक वैश्विक मानकों से भी कड़ेः एयरलाइन संगठन
चालक दल के विश्राम मानक वैश्विक मानकों से भी कड़ेः एयरलाइन संगठन
मुंबई, 11 फरवरी (भाषा) इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट एयरलाइन ने चालक दल के लिए प्रस्तावित विश्राम मानकों को वैश्विक मानकों की तुलना में ‘अधिक निषेधात्मक’ बताते हुए कहा है कि इससे एयरलाइंस को परिचालन में सीमित लचीलापन मिल पाता है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अक्टूबर, 2025 में ‘चालक दल की उड़ान ड्यूटी समयसीमा’ (एफडीटीएल) से संबंधित नागर विमानन शर्तों (सीएआर) का मसौदा जारी किया था।
इन तीनों एयरलाइन का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय एयरलाइंस महासंघ (एफआईए) ने 12 जनवरी को डीजीसीए को भेजे पत्र में ‘वैश्विक रूप से सामंजस्यपूर्ण, साक्ष्य-आधारित और परिचालन रूप से व्यावहारिक प्रावधान’ लागू करने की सिफारिश की है।
एफआईए का मुख्य तर्क है कि चालक दल सदस्यों के थकान प्रबंधन के लिए ‘उड़ान अवधि’ के बजाय ‘ड्यूटी की कुल अवधि’ को प्राथमिक नियंत्रण मानक बनाया जाए।
सामान्यतः ‘ड्यूटी की कुल अवधि’ उस समय से शुरू होती है जब चालक दल सदस्य ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करता है। यह अवधि तब समाप्त होती है जब सदस्य सभी दायित्वों से मुक्त हो जाता है।
एफआईए ने कहा कि ड्यूटी और विश्राम सीमा का निर्धारण न्यूनतम विश्राम अवधि और ड्यूटी अवधि पर आधारित होना चाहिए और इसे कुल संचयी सीमा या लैंडिंग की संख्या से सीधा संबंध नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
इस पत्र में कहा गया, “प्रस्तावित सीएआर ढांचा वैश्विक मानकों की तुलना में अधिक निषेधात्मक प्रतीत होता है, सीमित परिचालन लचीलापन देता है और विविध प्रकार के संचालन के लिए आवश्यक सूक्ष्मता के साथ सभी थकान संबंधी चिंताओं का समाधान नहीं करता।”
पायलटों के लिए संशोधित एफडीटीएल मानकों का पूर्ण क्रियान्वयन अभी लंबित है। दिसंबर महीने में इंडिगो एयरलाइन में बड़े पैमाने पर पैदा हुई परिचालन बाधाओं के कारणों में संशोधित प्रावधानों के अनुपालन से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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