नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सैन्य हमलों को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में शुरुआती बढ़त कम हो गई और सोमवार को इसमें निचला सर्किट लग गया, जिससे वायदा कारोबार में इसकी कीमत नौ प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,431 रुपये प्रति बैरल रह गई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल का अप्रैल माह में डिलिवरी वाला अनुबंध आरंभ में 362 रुपये या चार प्रतिशत की तेजी के साथ 9,620 रुपये प्रति बैरल के दिन के उच्चतम स्तर को छू गया।
हालांकि, बाद में कीमतों का रुख पलट गया और यह 827 रुपये अथवा नौ प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,431 रुपये प्रति बैरल तक नीचे चला गया जो दैनिक कारोबार की निम्नतम सीमा (लोअर सर्किट) थी।
विश्लेषकों ने कहा कि ईरानी ऊर्जा सुविधाओं पर संभावित हमलों को रोकने के अमेरिकी फैसले के बाद भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद तेज बदलाव आया है।
वैश्विक बाजारों में भी कच्चे तेल कीमतों में गिरावट देखी गई। वैश्विक स्तर पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल के मई डिलिवरी अनुबंध की कीमत 7.24 डॉलर या 7.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 90.99 डॉलर प्रति बैरल रह गई, जबकि मई डिलिवरी वाले ब्रेंट क्रूड का दाम 6.70 डॉलर या 6.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.71 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
भाषा राजेश राजेश अजय
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