कच्चे तेल के दाम में नरमी से शेयर बाजार में तेजी; सेंसेक्स 1,074 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत

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कच्चे तेल के दाम में नरमी से शेयर बाजार में तेजी; सेंसेक्स 1,074 अंक चढ़ा, निफ्टी भी मजबूत

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 05:19 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 05:19 PM IST

मुंबई, 25 मई (भाषा) कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी आई और बीएसई सेंसेक्स 1,074 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 312 अंक के लाभ में रहा।

अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर धारणा सुधरने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के साथ वैश्विक बाजारों में तेजी आई जिसका घरेलू बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,073.61 अंक यानी 1.42 प्रतिशत चढ़कर 76,488.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 1,143.72 अंक यानी 1.51 प्रतिशत बढ़कर 76,559.07 अंक पर पहुंच गया।

बीएसई में सूचीबद्ध कुल शेयरों में से 2,785 में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,535 शेयरों में गिरावट आई और 211 शेयर के भाव अपरिवर्तित रहे।

इसी प्रकार, पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 312.40 अंक यानी 1.32 प्रतिशत बढ़कर 24,031.70 अंक पर रहा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजार में सकारात्मक माहौल का कारण मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड दो सप्ताह से अधिक समय में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा, प्रमुख निजी बैंकों के बेहतर प्रदर्शन, सकारात्मक वित्तीय घोषणाओं और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के और मजबूत होने से भी कीमतों में सुधार हुआ।’’

सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक, इटर्नल, बजाज फिनसर्व और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

दूसरी तरफ इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट रही।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.52 प्रतिशत टूटकर 97.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सतर्क रुख अपना रहे हैं और किसी भी खराब समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों के चलते बाजार में तेजी रही। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की खबरों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है। हालांकि, घटनाक्रम में लगातार बदलाव को देखते हुए स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।’’

अधिक शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.18 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 0.92 प्रतिशत मजबूत हुआ।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया और हांगकांग में अवकाश के कारण बाजार बंद रहे।

यूरोप के प्रमुख बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त में रहे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,440.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

सेंसेक्स बीते सप्ताह शुक्रवार को 231.99 अंक बढ़कर 75,415.35 अंक, जबकि निफ्टी 64.60 अंक की तेजी के साथ 23,719.30 अंक पर रहा था।

भाषा रमण अजय

अजय