Plastic Notes From ATM: अब ATM से कागज नहीं, प्लास्टिक का नोट निकलेगा? RBI के इस बड़े प्लान से बदल जाएगा कैश निकालने का तरीका!

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Plastic Notes From ATM: सरकार ने रिजर्व बैंक को 10 रुपये और 20 रुपये के प्लास्टिक नोटों का ट्रायल करने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत करीब 2 अरब प्लास्टिक नोट छापे जाएंगे। फिलहाल ये नोट पायलट प्रोजेक्ट को तौर पर इस्तेमाल होंगे। जिसके जरिए इनकी टिकाऊपन और उपयोगिता को परखा जाएगा।

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  • Publish Date - August 11, 2026 / 04:56 PM IST,
    Updated On - August 11, 2026 / 05:21 PM IST

(Plastic Notes From ATM/ Image Credit: AI-generated)

HIGHLIGHTS
  • भारत में आ सकते हैं प्लास्टिक नोट
  • पहले होगा पायलट प्रोजेक्ट
  • ATM की कैसेट बदलने की जरूरत

नई दिल्ली: Plastic Notes From ATM: अगर योजना के मुताबिक सब कुछ हुआ तो आने वाले समय में भारत में प्लास्टिक या पॉलिमर नोट (Plastic Notes From ATM) देखने को मिल सकते हैं। रिजर्व बैंक इस दिशा में तैयारी कर रहा है और शुरुआत कम मूल्य वाले नोटों से होने की उम्मीद है। हालांकि इसे लागू करने से पहले नोटों की छपाई, सुरक्षा और एटीएम से जुड़े कई पहलुओं पर काम करना होगा।

ATM में बदलनी पड़ सकती है कैसेट

पॉलिमर नोटों की शुरुआत (Plastic Notes From ATM) का असर बैंकों के ATM पर भी पड़ेगा। एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा ATM में इन नोटों को रखने और निकालने के लिए कैश कैसेट में बदलाव करना पड़ सकता है। ATM में अलग-अलग मूल्य के नोटों के लिए अलग कैसेट होती हैं। अगर नई करेंसी के लिए इन्हें बदलना पड़ा तो बैंकों पर अतिरिक्त खर्च आएगा।

बैंकों के सामने खर्च और सप्लाई की चुनौती

बैंकर के अनुसार एक ATM को बदलने में करीब 2 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। जबकि केवल कैसेट बदलने का खर्च इससे कम हो सकता है। हालांकि, भारत में पॉलिमर नोटों के लिए जरूरी कैसेट बनाने वाली कंपनियों की उपलब्धता भी एक चुनौती है। इससे बैंकों को इन्हें विदेश से मंगाने या नई सप्लाई व्यवस्था तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है।

पहले होगा पायलट प्रोजेक्ट

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा के मुताबिक पॉलिमर नोटों को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लाने की तैयारी है। इसके लिए पॉलिमर सामग्री की खरीद, नोटों की टेस्टिंग और सुरक्षा से जुड़ी मंजूरियों जैसी कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। अगर परीक्षण सफल रहा तो आगे इन नोटों का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल इसकी अंतिम समयसीमा प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।

ज्यादा टिकाऊ होंगे प्लास्टिक नोट

पॉलिमर नोट लाने का सबसे बड़ा फायदा (Plastic Notes From ATM) उनकी लंबी उम्र मानी जाती है। खासकर 10 रुपये और 20 रुपये जैसे छोटे नोट ज्यादा इस्तेमाल होने के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं। कई देशों में पॉलिमर नोट लंबे समय से चल रहे हैं और इन्हें सामान्य कागजी नोटों से ज्यादा टिकाऊ पाया गया है। इससे बार-बार नोट बदलने और छापने की जरूरत कम होगी।

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भारत में प्लास्टिक नोट कब आ सकते हैं?

अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा और जरूरी मंजूरियां मिल गईं, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इन्हें लाने का लक्ष्य है।

शुरुआत में किन नोटों पर प्रयोग होगा?

पॉलिमर नोटों की शुरुआत कम मूल्य वाले नोटों से होने की उम्मीद है, क्योंकि इनका इस्तेमाल ज्यादा होता है।

क्या पॉलिमर नोटों के लिए ATM में बदलाव करना पड़ेगा?

हां, मौजूदा ATM में नोट रखने वाली कैसेट को नए नोटों के हिसाब से बदलना पड़ सकता है।

पॉलिमर नोट लाने का फायदा क्या होगा?

ये कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक चल सकते हैं।