(Suzlon Energy Share Target/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Suzlon Energy Share Target: विंड एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी के निवेशकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। ब्रोकरेज फर्म जियोजित ने कंपनी के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 56 रुपये का टारगेट (Suzlon Energy Share Target) तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की ‘Suzlon 2.0’ रणनीति आने वाले वर्षों में ग्रोथ को मजबूत कर सकती है। इसके तहत कंपनी विंड टर्बाइन कारोबार पर निर्भर नहीं रहना चाहती। बल्कि सोलर, बैटरी स्टोरेज और हाईब्रिड एनर्जी सॉन्यूशन जैसे नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।
जियोजित की रिपोर्ट के मुताबिक, सुजलॉन ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 506 MW की रिकॉर्ड डिलीवरी की। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले करीब 14% अधिक है। कंपनी की कुल आय भी 22.3% बढ़कर 3,829 करोड़ रुपये पहुंच गई। जो Q1FY26 में 3,132 करोड़ रुपये थी। कंपनी को इस दौरान अपना पहला S175 टरबाइन ऑर्डर भी मिला है। इसके अलावा, DevCo प्लेटफॉर्म को केवल चार महीनों में 600 MW से ज्यादा के ऑर्डर हासिल हुए हैं। जिसे भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ब्रोकरेज के अनुसार, सुजलॉन की वित्तीय स्थिति फिलहाल मजबूत है और कंपनी नेट-कैश पोजीशन में बनी हुई है। कंपनी का ROE करीब 19% रहने का अनुमान है। भारत में पुराने विंड टर्बाइनों को नए टर्बाइनों से बदलने यानी रिपावरिंग का करीब 25 GW का अवसर मौजूद है। इसका फायदा सुजलॉन को आने वाले समय (Suzlon Energy Share Target) में मिल सकता है। जियोजित का मानना है कि नए कारोबार और बढ़ते ऑर्डर कंपनी की मध्यम से लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
हालांकि, बेहतर रेवेन्यू के बावजूद Q1FY27 में कंपनी के मुनाफे पर कुछ दबाव दिखाई दिया। तिमाही EBITDA 0.6% घटकर 595 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 599 करोड़ रुपये था। वहीं, PAT 5.9% कम होकर 305 करोड़ रुपये रहा जो पहले 324 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 19.1% से घटकर 15.5% हो गया। इसके बावजूद जियोजित को कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027-28 तक सुजलॉन की कमाई (Suzlon Energy Share Target) में करीब 25% CAGR का अनुमान लगाया है।
नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।