चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.4 प्रतिशत बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये पर

चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.4 प्रतिशत बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये पर

चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.4 प्रतिशत बढ़कर 19.44 लाख करोड़ रुपये पर
Modified Date: February 11, 2026 / 07:54 pm IST
Published Date: February 11, 2026 7:54 pm IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) चालू वित्त वर्ष में 10 फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 19.44 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह बढ़ोतरी कॉरपोरेट कर की बेहतर वसूली और कर रिफंड की धीमी गति का परिणाम है।

आयकर विभाग की तरफ से बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 14.51 प्रतिशत बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

वहीं गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह, जिसमें व्यक्तिगत आयकर और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) से मिले कर शामिल हैं, 5.91 प्रतिशत बढ़कर लगभग 10.03 लाख करोड़ रुपये रहा।

शेयरों एवं अन्य प्रतिभूतियों के लेनदेन पर लगाया जाने वाला प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) का संग्रह एक अप्रैल, 2025 से 10 फरवरी, 2026 के दौरान 50,279 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के लगभग समान है।

इस अवधि में कर रिफंड जारी करने में 18.82 प्रतिशत की गिरावट आई और यह घटकर 3.34 लाख करोड़ रुपये रह गया। रिफंड में कमी से शुद्ध कर संग्रह की वृद्धि दर को सहारा मिला।

आंकड़ों के मुताबिक, देश का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 4.09 प्रतिशत बढ़कर 22.78 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 10.88 लाख करोड़ रुपये का सकल कॉरपोरेट कर और 11.39 लाख करोड़ रुपये का सकल गैर-कॉरपोरेट कर शामिल हैं।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (आरई) में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 24.84 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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