डिब्बाबंद खाद्यों का घरेलू बाजार 5- 10 साल में दोगुना होकर 70 अरब डालर का होगा: नेस्ले इंडिया

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डिब्बाबंद खाद्यों का घरेलू बाजार 5- 10 साल में दोगुना होकर 70 अरब डालर का होगा: नेस्ले इंडिया

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  • Publish Date - February 26, 2021 / 03:00 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:30 PM IST

नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) नेस्ले कंपनी का अनुमान है कि भारतीय डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों का बाजार अगले पांच से दस साल में दोगुना होकर 70 अरब डालर तक पहुंच जाने का अनुमान है। इसमें आर्थिक वृद्धि, युवा आबादी का लाभ और बढ़ते ई- वाणिज्य बाजार का प्रमुख का योगदान होगा।

नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुरेश नारायणन ने शुक्रवार को यह अनुमान व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि कंपनी को सरकार की तरफ से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिये भी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की घोषणा होने की प्रतीक्षा है। इस तरह की घोषणा सरकार ने ही ही में कंप्यूटर लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के क्षेत्र के लिये की है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिये इस तरह की घोषणा अच्छा कदम होगा। इस क्षेत्र में होने वाले पूंजी निवेश और रोजगार सृजन का औसत काफी बेहतर है।

नारायणन ने एक आभारी मीडिया बैठक में कहा, ‘‘मुझे इस देश के उपभोक्ता बाजार की कहानी पर पक्का भरोसा है।’’ उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख एजेंसियों ने जितने भी सर्वेक्षण किये हैं उनमें यह कहा गया है कि पैकिंग वाले सामानों का बाजार अगले पांच से 10 साल में दोगुना हो जायेगा।

नारायणन ने कहा, ‘‘आज यह बाजार 35 अरब डालर का है और हम इसके 70 अरब डालर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि महामारी के कारण इसमें कुछ देरी हो सकती है लेकिन इससे इनकार नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘आप यदि आकांक्षी वर्ग को देखें, वहन करने में सक्षम वर्ग या फिर संपन्न वर्ग को देखें, बार बार होने वाले शोध में यह बताया गया है कि 2018 से 2030 के बीच करीब 14 करोड़ परिवारों के आंकांक्षी और प्रभावशाली वर्ग में शामिल होने का अनुमान है।’’ नारायणन उद्योग संगठन सीआईआई की खाद्य प्रसंस्करण पर गठित राष्ट्रीय समिति के भी चेयरमैन हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पीएलआई योजना को लेकर बातचीत चल रही है। योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, हम जल्दी घोषणा की उम्मीद कर रहे हैं।

नेस्ले ने पिछले साल अक्टूबर में भारत में 2,600 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की थी। यह निवेश उसके मौजूदा कारखानों और गुंजरात के साणंद में बन रहे नये कारखाने में किया जायेगा। कंपनी की वर्तमान में भारत में आठ उत्पादन इकाइयां हैं।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर