शिक्षित युवाओं को भी रोजगार मिलना मुश्किल, वाहन उद्योग अधिक अवसर पैदा करेः कुमारस्वामी

शिक्षित युवाओं को भी रोजगार मिलना मुश्किल, वाहन उद्योग अधिक अवसर पैदा करेः कुमारस्वामी

शिक्षित युवाओं को भी रोजगार मिलना मुश्किल, वाहन उद्योग अधिक अवसर पैदा करेः कुमारस्वामी
Modified Date: August 31, 2026 / 07:23 pm IST
Published Date: August 31, 2026 7:23 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने सोमवार को वाहन उद्योग से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षित स्नातकों के लिए भी रोजगार मिलने में मुश्किल आना एक ‘जमीनी हकीकत’ है।

उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

कुमारस्वामी ने यहां ‘ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल’ (एएसडीसी) के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आइए, हम अगली पीढ़ी के परिवहन क्षेत्र के लिए तैयार वाहन उद्योग के कार्यबल के निर्माण और विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्य में योगदान के लिए मिलकर काम करें।’’

उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी के सामने रोजगार की चुनौती एक ‘जमीनी हकीकत’ है। कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘हम देखें तो रोजगार पाना, यहां तक कि शिक्षित स्नातकों के लिए भी, बहुत मुश्किल है। मैं हर दिन ऐसे युवाओं को देखता हूं जो मेरे पास आते हैं। वाहन उद्योग से जुड़े मेरे सभी साथियों से मेरा व्यक्तिगत अनुरोध है कि कृपया रोजगार के मुद्दे पर ध्यान दें।’’

कुमारस्वामी ने कहा कि विकसित भारत 2047 की दिशा में बढ़ते हुए युवाओं के कौशल विकास, कौशल उन्नयन और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुशल कार्यबल को न केवल घरेलू जरूरतों, बल्कि दुनियाभर के उद्योगों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत का वाहन क्षेत्र इलेक्ट्रिक परिवहन, स्वचालन, कनेक्टेड प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण और इंडस्ट्री 4.0 से प्रेरित बदलाव के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत केवल एक बड़े वाहन बाजार के रूप में नहीं, बल्कि वाहन विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और मोबिलिटी समाधान के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

कुमारस्वामी ने कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार कई उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शुरू कर रही है और वाहन उद्योग को मजबूत करने में मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि वाहन उद्योग के जरिए रोजगार सृजन हासिल किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वाहन क्षेत्र का इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इस्पात, कलपुर्जों, लॉजिस्टिक, सॉफ्टवेयर और सेवाओं समेत कई क्षेत्रों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार पीएम ई-ड्राइव, पीएलआई ऑटो और पीएलआई एसीसी जैसी पहलों के जरिए आधुनिक एवं भरोसेमंद इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पारिस्थितिकी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि इस बदलाव की सफलता केवल विनिर्माण क्षमता या बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि उच्च वोल्टेज प्रणाली, बैटरी प्रौद्योगिकी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत जांच जैसी विशेष जानकारी रखने वाले तकनीशियनों, इंजीनियरों और पेशेवरों की नई पीढ़ी भी तैयार करनी होगी।

भाषा प्रेम प्रेम योगेश

योगेश


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