(EPF Joining Date Mismatch/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: EPF Joining Date Mismatch: EPF खाते में नौकरी शुरु करने या छोड़ने की तारीख गलत दर्ज (EPF Joining Date Mismatch) होना छोटी गलती लग सकती है। लेकिन आगे चलकर इससे परेशानी हो सकती है। PF ट्रांसफर, निकासी और पेंशन की गणना के समय रिकॉर्ड की सही जानकारी जरूरी होती है। खासकर EPS सदस्यों के लिए यह अहम है क्योंकि पेंशन की पात्रता तय करने में नौकरी की कुल सर्विस अवधि महत्वपूर्ण होती है। आम तौर पर EPS पेंशन के लिए 10 साल की योग्य सर्विस जरूरी मानी जाती है।
जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो उसकी पुरानी नौकरी की एग्जिट डेट सही दर्ज (EPF Joining Date Mismatch) होना जरूरी है। EPFO के अनुसार, ऑनलाइन PF ट्रांसफर की प्रक्रिया में पिछली नौकरी की एग्जिट डेट की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। अगर यह तारीख गलत है या अपडेट नहीं हुई है तो PF ट्रांसफर में देरी या दूसरी तकनीकी समस्या आ सकती है। गलत एग्जिट डेट की वजह से बाद के योगदान रिकॉर्ड में भी सुधार की जरूरत पड़ सकती है।
गलत डेट ऑफ जॉइनिंग (DoJ) या डेट ऑफ एग्जिट (DoE) का असर EPS पेंशन की सर्विस अवधि की गणना पर भी पड़ सकता है। EPFO नौकरी की अवधि और योगदान से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर पेंशन सर्विस का हिसाब करता है। इसलिए जो कर्मचारी 10 साल की जरूरी सर्विस सीमा के आसपास हैं उनके लिए तारीखों की छोटी गलती भी महत्वपूर्ण बन सकती है। हालांकि, गलत तारीख दर्ज होने से मौजूदा PF बैलेंस या उस पर मिलने वाला ब्याज अपने आप खत्म नहीं होता। ब्याज खाते के बैलेंस और योगदान के आधार पर निर्धारित होता है।
EPFO ने कई मामलों में सदस्यों को अपने UAN प्रोफाइल की जानकारी खुद (EPF Joining Date Mismatch) सुधारने की सुविधा दी है। आधार से वेरिफाइड UAN वाले सदस्य कुछ परिस्थितियों में बिना दस्तावेज अपलोड किए DoJ और DoE जैसी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। कुछ पुराने UAN मामलों में नियोक्ता के सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है। अगर एग्जिट डेट दर्ज नहीं है तो नौकरी छोड़ने के 60 दिन बाद सदस्य पोर्टल के जरिए इसे अपडेट कर सकते हैं। इसलिए नौकरी छोड़ते ही UAN में DoJ, DoE, योगदान और सर्विस हिस्ट्री जरूर जांच लें। ताकि PF ट्रांसफर, निकासी या पेंशन क्लेम के समय परेशानी न हो।