ईपीएफ अधिकारी संघ ने कैडर पुनर्गठन के लिए श्रम मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की

ईपीएफ अधिकारी संघ ने कैडर पुनर्गठन के लिए श्रम मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की

ईपीएफ अधिकारी संघ ने कैडर पुनर्गठन के लिए श्रम मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की
Modified Date: September 18, 2026 / 08:34 pm IST
Published Date: September 18, 2026 8:34 pm IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अधिकारियों के संगठन ने कैडर पुनर्गठन प्रस्ताव को जल्द लागू कराने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया से हस्तक्षेप की मांग की है।

ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी बोर्ड के चेयरमैन मांडविया ने सार्वजनिक घोषणा की थी कि संस्था के अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों में से एक कैडर पुनर्गठन को एक नवंबर, 2025 तक लागू कर दिया जाएगा।

ईपीएफ ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस सप्ताह की शुरुआत में मांडविया को भेजे गए पत्र में यह बात कही।

कैडर पुनर्गठन के लिए एक समिति भी गठित की गई थी। समिति ने कैडर संरचना, पदों पर ठहराव, पदोन्नति के अवसरों और संगठनात्मक जरूरतों की विस्तृत समीक्षा के बाद करीब दो महीने पहले अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।

अधिकारी संघ ने कहा कि समिति को सौंपा गया मूल काम पूरा हो चुका है, लेकिन मामला अभी अंतिम मंजूरी और क्रियान्वयन तक नहीं पहुंचा है।

संघ ने कहा, ‘‘अब सितंबर, 2026 का मध्य आ चुका है और ईपीएफओ के अगले स्थापना दिवस (एक नवंबर, 2026) में अब करीब डेढ़ महीने का समय ही बचा है। समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी जारी अनिश्चितता से अधिकारियों और कर्मचारियों में काफी निराशा पैदा हुई है तथा इससे उनका मनोबल प्रभावित हुआ है।’’

संघ ने कहा कि समय पर कैडर पुनर्गठन लागू होने से अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का समाधान होगा तथा संगठन के प्रति उनका भरोसा बढ़ेगा और उनका मनोबल मजबूत होगा।

संघ ने मंत्री से केंद्रीय न्यासी बोर्ड की विशेष बैठक बुलाने का आग्रह किया है, ताकि कैडर पुनर्गठन प्रस्ताव पर जल्द विचार और मंजूरी दी जा सके तथा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इसे एक नवंबर 2026 के ईपीएफओ स्थापना दिवस से पहले लागू किया जा सके।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम


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