बड़े आयोजनों के दौरान होटल की कीमतें बढ़ना एक वैश्विक चलन: होटल एसोसिएशन
बड़े आयोजनों के दौरान होटल की कीमतें बढ़ना एक वैश्विक चलन: होटल एसोसिएशन
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) ने अधिक मांग वाले आयोजनों के दौरान होटल कमरों की कीमतों में बढ़ोतरी का शुक्रवार को बचाव करते हुए कहा कि यह वैश्विक स्तर पर प्रचलित व्यवस्था है और भारत तक सीमित नहीं है।
एचएआई के उपाध्यक्ष रोहित खोसला ने हाल में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में होटल कमरों की दरें 90 प्रतिशत तक बढ़ गई थीं।
उन्होंने कहा कि जर्मनी के डसेलडोर्फ, बर्लिन या फ्रैंकफर्ट में अंतरराष्ट्रीय बैठक, प्रोत्साहन यात्रा, सम्मेलन और प्रदर्शनी से जुड़ा आयोजन होने पर भी होटल की कीमतें बढ़ जाती हैं।
खोसला ने एचएआई होटलियर्स कॉन्क्लेव में मीडिया के साथ बातचीत में कहा, ‘‘इसी तर्ज पर जब भारत में भी कोई आयोजन होता है और मांग एवं आपूर्ति के बीच अंतर होता है तो होटल कीमतें बढ़ जाती हैं।’’
उन्होंने विमानन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान एयरलाइंस भी किराये बढ़ाती हैं, लेकिन होटल की तरह उनकी उस तरह जांच नहीं होती है।
इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष खोसला ने न्यूयॉर्क, सिंगापुर, लंदन और पेरिस में होटल कमरों की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय होटल अभी भी उस स्तर की कीमतें नहीं वसूल पा रहे हैं, जबकि जमीन और कर्मचारियों पर खर्च समेत उनकी लागत लगातार बढ़ रही है।
इस मौके पर एचएआई के अधिकारियों ने राज्य सरकारों से पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के बाद घोषित लाभों को लागू करने की भी अपील की।
एचएआई के अध्यक्ष केबी कचरू ने कहा, ‘‘हम सरकारों से सब्सिडी नहीं मांग रहे हैं। हम कोई विशेष लाभ भी नहीं मांग रहे हैं। हम सिर्फ यह कह रहे हैं कि आपने जो घोषित किया है, उसे लागू कर दें।’’
उन्होंने कहा कि 17 राज्यों ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया हुआ है, लेकिन इसके वास्तविक लाभ केवल दो राज्यों में ही मिले हैं।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

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