(EPFO EPS Scheme 2026 Rules/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: EPFO EPS Scheme 2026 Rules: नौकरी करने वाले लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का बड़ा सहारा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) होता है। नए बदलावों (EPFO EPS Scheme 2026 Rules) के तहत EPS 2026 में पेंशन क्लेम प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया गया है। अब कर्मचारियों को पेंशन के लिए ज्यादा कागजी कार्रवाई या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि अब ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करके पेंशन का दावा किया जा सकता है।
EPS पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी होनी चाहिए। सामान्य स्थिति में 58 साल की उम्र पूरी होने के बाद मासिक पेंशन मिलती है। वहीं, 10 साल की सेवा पूरी करने वाले सदस्य 50 साल की उम्र के बाद भी अर्ली पेंशन ले सकते हैं। लेकिन इसमें पेंशन राशि कम हो सकती है। जिन कर्मचारियों की सेवा 10 साल से कम है वे मासिक पेंशन के बजाय एकमुश्त विड्रॉल बेनिफिट ले सकते हैं।
EPS क्लेम (EPFO EPS Scheme 2026 Rules) में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए ईपीएफओ रिकॉर्ड सही होना जरूरी है। कर्मचारी का आधार, बैंक अकाउंट, पैन कार्ड और जन्म तिथि की जानकारी अपडेट होनी चाहिए। साथ ही UAN एक्टिव और आधार से लिंक होना चाहिए। दस्तावेजों में किसी भी तरह की गलती या अंतर होने पर क्लेम प्रक्रिया में देरी या अस्वीकृति हो सकती है।
पेंशन लाभ लेने के लिए सही फॉर्म भरना जरूरी है। अगर कर्मचारी 10 साल की सेवा पूरी कर चुका है और हर महीने पेंशन चाहता है तो उसे फॉर्म 10D भरना होगा। वहीं, जिन कर्मचारियों की सेवा 10 साल से कम है और वे जमा राशि निकालना चाहते हैं तो उन्हें फॉर्म 10C भरना होगा।
अब EPS पेंशन क्लेम (EPFO EPS Scheme 2026 Rules) ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करके आवेदन करना होगा। क्लेम को आधार OTP के जरिए सत्यापित किया जा सकता है। नए नियमों के अनुसार पेंशन क्लेम को तय समय में निपटाने पर जोर दिया गया है। देरी होने पर नियमों के अनुसार ब्याज का प्रावधान भी रखा गया है।
EPS सिर्फ कर्मचारी को ही नहीं बल्कि उसके परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा देता है। सदस्य की मृत्यु होने पर पति या पत्नी को विधवा/विधुर पेंशन मिल सकती है। बच्चों को भी तय उम्र तक मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। माता-पिता और नॉमिनी के लिए भी पेंशन का प्रावधान है। अगर कर्मचारी और पत्नी दोनों नहीं रहते हैं तो बच्चों को अनाथ पेंशन का लाभ दिया जाता है।