Charandas Mahant on Rambhadracharya/ Image Credit: AI
Charandas Mahant on Rambhadracharya: रायपुर: छत्तीसगढ़ में इन दिनों धर्मी-विधर्मी को लेकर नई बहस छिड़ी है। दरअसल, इन दिनों चिरमिरी में जगदगुरू स्वामी रामभद्राचार्य पहुंचे हुए हैं। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में स्वामी रामभद्राचार्य की रामकथा का आयोजन है। इस बारे में पूछे जाने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने, जगतगुरु रामभद्राचार्य को बीजेपी का प्रचारक बताया, कहा कि वो ना तो उन्हें जगतगुरु मानते हैं और ना आशीर्वाद लेने जाएंगे। लगे हाथ महंत ने रामभद्राचार्य और धीरेंद्र शास्त्री को फर्जी तक बता दिया। वहीं, स्थानीय सांसद ज्योत्सना महंत ने बात संभालते हुए कहा कि, मैं काम को धर्म मानती हूं, वो ज्यादा महत्वपूर्ण है।
इधऱ, महंत दंपति के बयान को दुर्भाग्यजनक बताते हुए, BJP ने जमकर पलटवार किया। (Charandas Mahant on Rambhadracharya) मंत्री राजेश अग्रवाल ने कांंग्रेस को सनातन विरोधी बताया तो विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेसी नेता साधु-संतों का अपमान को अधिकार समझते हैं।
Charandas Mahant on Rambhadracharya: वैसे, धर्म और राजनीति का घालमेल किसी से छिपा नहीं है। ये भी सच है कि अक्सर आस्था की चादर ओढकर नेता उन दरबारों में हाजिरी लगाते हैं, जहां भारी जन सैलाब हो। (Charandas Mahant on Rambhadracharya) सवाल है, क्या डॉ महंत का बयान पार्टी लाइन के मुताबिक है या फिर निजी राय? उससे भी बड़ा सवाल ये कि सनातन के ध्वजवाहक कहलाने वाले जगतगुरु रामभद्राचार्य को बीजेपी का एजेंट बताने वाले बयान से किसे नुकसान होगा?
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