नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) देश का वस्तु निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर रहा। पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में तेज वृद्धि के कारण कुल निर्यात बढ़ा है।
वहीं सोने के आयात में कमी से व्यापार घाटा भी कम होकर पांच महीने के निचले स्तर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया।
आयात अगस्त में 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर रहा।
पिछले महीने वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 से 94 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही।
निर्यात में अगस्त महीने में वृद्धि जून, 2022 के बाद सबसे अधिक रही। जून, 2022 में निर्यात 30.12 प्रतिशत बढ़ा था।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर रहा।
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 147.09 अरब डॉलर हो गया, इससे पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान यह 123.88 अरब डॉलर था।
बीते साल अगस्त में व्यापार घाटा 27.22 अरब डॉलर और जुलाई में 31.98 अरब डॉलर था। इससे पहले मार्च में यह 20.67 अरब डॉलर के निचले स्तर पर रहा था।
देश का सोने का आयात अगस्त में 57.7 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब डॉलर रहा, जो अगस्त, 2025 में 5.4 अरब डॉलर था।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए कहा कि निर्यात वृद्धि की अच्छी गति बनी हुई है और इसमें और तेजी आ रही है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में आयात में वृद्धि मजबूत घरेलू आर्थिक विस्तार, ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों और विनिर्माण क्षेत्र की तेज वृद्धि को बनाए रखने के लिए जरूरी महत्वपूर्ण कच्चे माल तथा अन्य वस्तुओं की मांग के कारण हुई है। इससे व्यापार घाटा भी बढ़ा है।
अग्रवाल ने कहा कि मुख्य रूप से पेट्रोलियम, कच्चा तेल, कोयला, कोक और ब्रिकेट जैसे ऊर्जा उत्पाद तथा इलेक्ट्रॉनिक सामान के कारण व्यापार घाटा बढ़ा है।
उन्होंने निर्यात के मोर्चे पर कहा कि इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़े सहित कई वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि से कुल निर्यात बढ़ा है।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से मांग में वृद्धि हुई है। यह भारत की वैश्विक पहुंच के विस्तार को दर्शाता है और हमारी मजबूती, विविधता तथा रणनीतिक व्यापार एकीकरण के लक्ष्यों को भी मजबूत करता है।’’
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में ब्रिक्स देशों को भारत का निर्यात 13.3 प्रतिशत बढ़कर 34.5 अरब डॉलर रहा।
अग्रवाल ने कहा कि निर्यात में वृद्धि केवल मूल्य के लिहाज से ही नहीं, बल्कि मात्रा के लिहाज से भी अच्छी रही है।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान कच्चे तेल का आयात बढ़कर 95.57 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 78.07 अरब डॉलर था। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात आलोच्य अवधि में बढ़कर 66.48 अरब डॉलर हो गया जो बीते वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान 46.31 अरब डॉलर था।
पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान बढ़कर 35.31 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 25.32 अरब डॉलर था।
भाषा रमण अजय
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