नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने सोमवार को कहा कि सरकार और नियामक रुपये की स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 के स्तर से नीचे गिर गया है। स्थिति असहज होने पर सरकार उचित कदम उठा सकती है।
ठाकुर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘90 से ऊपर (प्रति डॉलर) जाते ही हर कोई इस पर चर्चा करने लगता है। हम भी इस पर सावधानीपूर्वक नजर रखने लगते हैं। यह विदेशी मुद्रा के प्रवाह का सवाल है और हम इससे प्रभावित होते हैं।’’
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रुपये के मूल्य में गिरावट आने पर निर्यात प्रतिस्पर्धा के मामले में इसका एक निश्चित लाभ भी मिलता है।
ठाकुर ने कहा, ‘‘हम नियामकों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि स्थिति ज्यादा असहज होती है, तो हम देखेंगे कि इससे कैसे निपटना है।’’
आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार, एक अप्रैल, 2025 से 22 जनवरी, 2026 के बीच रुपया करीब 6.5 प्रतिशत कमजोर हुआ है, जिससे यह इस अवधि के दौरान सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बन गया है।
रुपये की गिरावट जापानी येन (5.5 प्रतिशत की गिरावट) के बराबर रही, लेकिन फिलिपीन की मुद्रा पेसो और इंडोनेशियाई मुद्रा रुपिया जैसे अन्य एशियाई देशों की मुद्राओं की तुलना में यह गिरावट अधिक रही।
भाषा सुमित अजय
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