Panna Girls Hostel : जली हुई रोटियां और छुआछूत का आरोप, छात्राओं के अनूठे प्रदर्शन के बाद कलेक्टर उषा परमार ने लिया सख्त एक्शन

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पन्ना जिले के गुनौर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास में खराब और जला हुआ भोजन, दुर्व्यवहार व छुआछूत के आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर उषा परमार के आदेश पर तीन रसोइयों को हटाया गया और वार्डन को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है।

  • Reported By: Amit Khare

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  • Publish Date - February 2, 2026 / 09:16 PM IST,
    Updated On - February 2, 2026 / 09:19 PM IST

Panna Girls Hostel / Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • गुनौर बालिका छात्रावास में जला हुआ और गंदा भोजन परोसने की शिकायत सामने आई।
  • छात्राओं ने धरना दिया और भगवान शिव के मंदिर में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई।
  • जांच के बाद तीन रसोइयों को हटाया गया, वार्डन से अतिरिक्त प्रभार छीना गया।

पन्ना : मध्य प्रदेश के पन्ना ज़िले के गुनौर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालिका छात्रावास में छात्राओं द्वारा जला हुआ और गंदा भोजन, दुर्व्यवहार एवं छुआछूत जैसे भेदभाव की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर उषा परमार ने तीन रसोइयों को हटाने और छात्रावास की वार्डन को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने के आदेश दिए हैं। छात्रावास में खराब भोजन दिए जाने से नाराज़ छात्राओं ने मंदिर में भगवान शिव को आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।

शिव जी से लगाई थी अर्ज़ी

दरअसल, गुनौर बालिका छात्रावास की छात्राओं ने भोजन की गुणवत्ता और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। Panna News 25 जनवरी को छात्राओं ने अभिभावकों के साथ धरना दिया था और 26 जनवरी को व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हुए प्रदर्शन किया था। इसी दौरान छात्राओं ने भगवान शिव के पास आवेदन देकर अपनी अर्ज़ी लगाई थी।

3 रसोइयों समेत अधीक्षिका को प्रभार से हटाया

इस मामले में कलेक्टर उषा परमार ने संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित की। जांच में छात्रावास का माहौल तनावपूर्ण पाया गया, जिससे छात्राएं मानसिक रूप से प्रभावित हो रही थीं और उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर रसोइया मीना सोनी, ब्रजबाई धीमर और उर्मिला त्रिपाठी को हटा दिया गया है। वहीं, वार्डन संदीपनी सिंह को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

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छात्राओं ने किन बातों की शिकायत की थी?

छात्राओं ने जला हुआ और गंदा भोजन, दुर्व्यवहार और छुआछूत जैसे भेदभाव की शिकायत की थी।

प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?

जांच के बाद तीन रसोइयों को हटा दिया गया और छात्रावास की वार्डन को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया।

जांच में क्या सामने आया?

जांच में पाया गया कि छात्रावास का माहौल तनावपूर्ण था, जिससे छात्राओं की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही थी।