नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) वित्त मंत्रालय 30 जनवरी को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के चेयरपर्सन के साथ एक बैठक करेगा। इसमें आरआरबी के विलय के बाद उनके प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू करेंगे और इसमें नाबार्ड के चेयरमैन, सिडबी के सीएमडी और भारतीय रिजर्व बैंक के संबंधित कार्यकारी निदेशक शामिल हो सकते हैं।
एक मई से प्रभावी आरआरबी के एकीकरण के चौथे दौर के बाद यह पहली उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। इस एकीकरण से आरआरबी की संख्या 43 से घटकर 28 रह गई है।
सूत्रों के अनुसार बैठक में विलय के बाद आरआरबी के वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इसमें प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र को ऋण देने की प्रगति और आरआरबी द्वारा शुरू की गई विभिन्न वित्तीय योजनाओं की समीक्षा होगी।
बेहतर परिचालन दक्षता और लागत को युक्तिसंगत बनाने के लिए एक मई को 11 राज्यों के 15 आरआरबी के एकीकरण के बाद राज्य के स्वामित्व वाला एक आरआरबी अस्तित्व में आया।
पहले चरण (वित्त वर्ष 2005-06 से 2009-10) में आरआरबी की संख्या 196 से घटाकर 82 कर दी गई थी। दूसरे चरण (वित्त वर्ष 2012-13 से 2014-15) में इसे 82 से घटाकर 56 किया गया और तीसरे चरण में यह संख्या 56 से घटकर 43 रह गई।
आरआरबी का सकल एनपीए अनुपात मार्च 2019 के 10.8 प्रतिशत से घटकर मार्च 2025 में 5.4 प्रतिशत रह गया है।
भाषा पाण्डेय रमण
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