‘एआई कोहोर्ट 2026’ में शामिल होंगे पांच स्टार्टअप

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‘एआई कोहोर्ट 2026’ में शामिल होंगे पांच स्टार्टअप

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 12:14 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 12:14 PM IST

बेंगलुरु, 16 मार्च (भाषा) उद्योग पूंजी कंपनी एक्सेल और गूगल के एआई फ्यूचर्स फंड ने ‘एटम्स एआई कोहोर्ट 2026’ में शामिल होने वाले पांच स्टार्टअप की सोमवार को घोषणा की जो एंटरप्राइज, वॉयस और औद्योगिक एआई में नए समाधान विकसित करेंगे।

‘एटम्स एआई कोहोर्ट’, एक्सेल एटम्स का एक विशेष कार्यक्रम है जिसे एआई स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। ‘एटम्स एआई कोहोर्ट 2026’ एक्सेल और गूगल के एआई फ्यूचर्स फंड के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी है।

बयान के अनुसार, 4,000 से अधिक आवेदनों में से चुने गए इन पांच स्टार्टअप को भारतीय उद्यमियों को समर्थन देने के एक्सेल के लंबे अनुभव और गूगल की उन्नत कृत्रिम मेधा (एआई) अवसंरचना का लाभ मिलेगा, जिससे वे शुरुआती विचार से वैश्विक स्तर तक विस्तार कर सकेंगे।

प्रत्येक स्टार्टअप को 20 लाख अमेरिकी डॉलर तक का संयुक्त निवेश मिलेगा। इसके साथ ही गूगल क्लाउड, जेमिनी और गूगल डीपमाइंड के संसाधनों के लिए 3.5 लाख अमेरिकी डॉलर तक की संगणनात्मक (कंप्यूट) क्रेडिट सुविधा भी दी जाएगी।

ये पांच स्टार्टअप के-डेंस, डॉज एआई, पर्सिस्टेंस लैब्स, जिंगरोल और लेवलप्लेन हैं।

‘के-डेंस’, जीवन विज्ञान, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान में खोज को तेज करने के लिए एआई आधारित सह-वैज्ञानिक विकसित कर रहा है। ‘डॉज एआई’, आधुनिक उद्यम संसाधन नियोजन प्रणालियों को उन्नत बनाने के लिए स्वायत्त कृत्रिम मेधा एजेंट विकसित कर रहा है। ‘पर्सिस्टेंस लैब्स’, बड़े पैमाने पर कॉल सेंटर संचालन को बदलने के लिए आवाज आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कर रहा है। ‘जिंगरोल’, उपभोक्ताओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मनोरंजन और स्ट्रीमिंग अनुभव विकसित कर रहा है जबकि ‘लेवलप्लेन’, सटीकता आधारित वाहन और एयरोस्पेस विनिर्माण के लिए औद्योगिक स्वचालन को आगे बढ़ा रहा है।

एक्सेल में साझेदार प्रयंक स्वरूप और शेखर किरानी ने कहा कि यह समूह ‘‘साहसिक व मौलिक सोच’’ का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ‘एटम्स’ हमेशा से उन उद्यमियों का समर्थन करने के बारे में रहा है जो संभावनाओं के शुरुआती चरण में होते हैं, जब केवल महत्वाकांक्षा और अंतर्दृष्टि होती है। हमें विश्वास है कि भारत के सबसे प्रेरित उद्यमी पहले दिन से ही वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और अब हमारे साथ गूगल के होने से उन्हें एक मजबूत शुरुआत का मंच मिलेगा।’’

गूगल एआई फ्यूचर्स फंड के सह-संस्थापक एवं निदेशक जोनाथन सिल्बर ने कहा कि प्रारंभिक चरण में संगणनात्मक क्षमता उपलब्ध होने से ये स्टार्टअप ‘‘कठिन समस्याओं को अधिक तेजी एवं जिम्मेदारी के साथ हल कर सकेंगे।’’

एआई फ्यूचर्स फंड दुनिया भर में उन्नत कृत्रिम मेधा स्टार्टअप का समर्थन करता है और पूंजी के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, अवसंरचना और गूगल डीपमाइंड तथा गूगल के दलों से मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराता है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा