एफएमसीजी क्षेत्र जून तिमाही में सुस्त, ग्रामीण बिक्री मात्रा पांच प्रतिशत घटी : नीलसनआईक्यू
एफएमसीजी क्षेत्र जून तिमाही में सुस्त, ग्रामीण बिक्री मात्रा पांच प्रतिशत घटी : नीलसनआईक्यू
नयी दिल्ली, 27 सितंबर (भाषा) देश में तेजी से बिकने वाले रोजमर्रा के उपभोक्ता उत्पाद (एफएमसीजी) क्षेत्र की वृद्धि में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल- जून तिमाही के दौरान सुस्ती आई। इस दौरान ग्रामीण बाजारों में बिक्री की मात्रा पांच प्रतिशत घट गई। आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली फर्म नीलसनआईक्यू की तिमाही रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, एफएमसीजी क्षेत्र में सुस्ती अब कुछ चुनिंदा श्रेणियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादों की व्यापक श्रेणियों में इसका असर दिखाई दे रहा है। बढ़ती लागत और उपभोक्ताओं के कमजोर रुझान के कारण मांग में व्यापक स्तर पर सुस्ती आई है।
नीलसनआईक्यू की अप्रैल-जून 2026 की एफएमसीजी तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, जून तिमाही में एफएमसीजी की 68 प्रतिशत श्रेणियों में गिरावट दर्ज की गई। यह बताता है कि खपत पर दबाव बढ़ा है और इसका असर कई प्रमुख श्रेणियों तक फैल गया है।
रिपोर्ट ने सुस्ती के प्रभाव के आधार पर एफएमसीजी श्रेणियों को चार वर्गों में बांटा है। केवल आठ प्रतिशत श्रेणियां सबसे कम प्रभावित वर्ग में रहीं। इनमें सेवईं और नूडल्स, पैकेटबंद चावल और बालों में लगाने वाला तेल शामिल हैं।
करीब 25 प्रतिशत श्रेणियां कम प्रभावित वर्ग में रहीं। इनमें पैकेटबंद आटा, बिना रिफाइन किया हुआ तेल, बर्तन साफ करने वाले उत्पाद और पामोलीन तेल शामिल हैं।
सबसे बड़ा 35 प्रतिशत हिस्सा मध्यम प्रभावित श्रेणियों का रहा। इनमें आयोडीनयुक्त नमक, बिस्कुट, नमकीन और शैम्पू शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि ग्रामीण बाजार में बिक्री की मात्रा पांच प्रतिशत घटी, जबकि कीमतों में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण एफएमसीजी बाजार का कुल मूल्य 2.9 प्रतिशत घट गया।
भाषा योगेश पाण्डेय
पाण्डेय

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