भारत स्थित चार कंपनियां ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आईं

भारत स्थित चार कंपनियां ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आईं

भारत स्थित चार कंपनियां ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आईं
Modified Date: August 25, 2026 / 03:13 pm IST
Published Date: August 25, 2026 3:13 pm IST

वाशिंगटन, 25 अगस्त (भाषा) अमेरिका ने ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात के मामले में भारत स्थित चार कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में यह जानकारी दी है।

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए सोमवार को ‘ऑपरेशन इकॉनमिक आउटकास्ट’ की घोषणा की। इसके तहत ईरान के लिए संभावित राजस्व स्रोतों को रोकने के उद्देश्य से नए प्रतिबंध लगाए गए हैं।

अमेरिका ने अन्य देशों से भी ईरान के साथ अपने आर्थिक संबंध खत्म करने के लिए कहा है और ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

विदेश विभाग ने कहा कि इस अभियान की जद में आने वाली भारत स्थित कंपनियों में सीमा-शुल्क ब्रोकर पोर्टईज पार्टनर्स एलएलपी तथा उसके साझेदार इंदरीसमिया अशरफमिया शेख और हरीश रामचंद्र रंगी शामिल हैं। इन लोगों ने ईरान से पेट्रोरसायन उत्पादों की कई खेप के आयात में मदद की थी।

प्रतिबंध के दायरे में आने वाली अन्य कंपनियों में सदाशिव ओवरसीज लिमिटेड, पीपी सॉफ्टटेक प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृतिस इन्फ्रा इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। पीपी सॉफ्टटेक के निदेशक प्रशांत गर्ग भी कार्रवाई की जद में हैं।

बयान के मुताबिक, शेख, रंगी और गर्ग तीनों ही भारतीय नागरिक हैं।

सदाशिव ओवरसीज ने करीब 6.9 करोड़ डॉलर मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोलियम उत्पादों का आयात किया, जबकि पीपी सॉफ्टटेक और प्रकृतिस इन्फ्रा ने 2.5-2.5 करोड़ डॉलर मूल्य के पेट्रोलियम उत्पादों का आयात किया।

इन कंपनियों को ईरान से पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, परिवहन या विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण लेनदेन में जानबूझकर शामिल होने के लिए प्रतिबंध सूची में डाला गया है।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बयान में कहा, ‘‘अमेरिका ने ईरानी शासन की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों को सक्षम बनाने वाली कई संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है।’’

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


लेखक के बारे में