वाशिंगटन, 12 अक्टूबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि विश्व की शीर्ष 20 अर्थव्यवस्थाओं के समूह ‘जी20’ में वैश्विक सार्वजनिक वस्तुओं के लिए काम करने की अपार संभावना है। गौरतलब है कि भारत दिसंबर, 2022 से एक साल के लिए जी20 के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेगा।
सीतारमण ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘जी20 में वैश्विक वस्तुओं के लिए काम करने की अपार संभावना है। मसलन भारत का भंडार, वैश्विक भंडार बन सकता है। प्रभावी सीमापार भुगतान और स्वदेश धन भेजना सस्ता होना जैसे फायदे हमें इससे मिल सकते हैं।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें वह चाहती हैं कि जी20 मिलकर काम करे।
उन्होंने कहा कि भारत को जी20 की अध्यक्षता बेहद चुनौतीपूर्ण समय में मिल रही है।
सीतारमण ने यहां प्रतिष्ठित ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूट में जानेमाने भारतीय अमेरिकी अर्थशास्त्री ईश्वर प्रसाद के साथ परिचर्चा के दौरान सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘हम उनके साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और कुछ अच्छे परिणाम हासिल करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘समय की मांग है कि हम इन कुछ परिणामों को अर्जित करने की दिशा में काम करें। बहुपक्षीय संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है। किसी महामारी या भविष्य में ऐसे किसी तनावपूर्ण वैश्विक घटनाक्रम से निपटने की उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा।’’
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