मुंबई, 12 सितंबर (भाषा) रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने शनिवार को कहा कि अगस्त में भारत से रत्न एवं आभूषणों का निर्यात सालाना आधार पर 3.14 प्रतिशत बढ़कर 2.30 अरब डॉलर (21,945.87 करोड़ रुपये) हो गया। इसकी मुख्य वजह मूल्यवर्धित आभूषणों का निर्यात बढ़ना था।
जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में कुल निर्यात 2.23 अरब डॉलर (19,503.52 करोड़ रुपये) था।
सादे और जड़े हुए सोने के गहनों सहित कुल सोने के गहनों का निर्यात सालाना आधार पर 11.81 प्रतिशत बढ़कर 99.98 करोड़ डॉलर (9,546.12 करोड़ रुपये) हो गया। इसकी वजह अमेरिका, हांगकांग, सिंगापुर, ब्रिटेन और फ्रांस से मजबूत मांग थी।
कीमतें बढ़ने के कारण सादे सोने के गहनों का निर्यात सालाना आधार पर 23.90 प्रतिशत घटकर 35.69 करोड़ डॉलर (3,408.32 करोड़ रुपये) रह गया, जबकि जड़े हुए सोने के गहनों का निर्यात 51.22 प्रतिशत बढ़कर 64.28 करोड़ डॉलर (6,137.81 करोड़ रुपये) हो गया।
सादे सोने के गहनों के निर्यात में गिरावट ऊंची कीमतों और निर्यातकों के लिए शुल्क मुक्त सोने की सीमित उपलब्धता के कारण आई है। इससे आदान लागत बढ़ गई और सादे सोने के गहनों के निर्यात की प्रतिस्पर्धिता पर दबाव पड़ा।
इसी तरह, जड़े हुए गहनों में बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तैयार और मूल्यवर्धित गहनों की बढ़ती मांग का पता चलता है।
जीजेईपीसी ने बताया कि सोने की कीमतें महीने-दर-महीने 8.27 प्रतिशत बढ़ीं, जो जुलाई 2026 में 4,073.92 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर अगस्त 2026 में 4,410.89 डॉलर प्रति औंस हो गईं।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष कीरित भंसाली ने कहा, ‘‘अगस्त में निर्यात का प्रदर्शन भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग की मजबूती और हालात के हिसाब से ढलने की क्षमता को दिखाता है। हीरा निर्यात की मात्रा में बढ़ोतरी और जड़े हुए सोने के आभूषणों के निर्यात में तेजी से हुई वृद्धि, कीमती चीजों को तैयार आभूषणों में बदलकर ज्यादा मूल्य बनाने की भारत की बढ़ती क्षमता को उजागर करती है।’’
उन्होंने कहा कि यह भारत के एक बड़े प्रसंस्करण केन्द्र से डिजाइन, विनिर्माण और मूल्यवर्धन का वैश्विक केन्द्र बनने की दिशा में एक अहम कदम है।
जीजेईपीसी के आंकड़ों के अनुसार तराशे और पॉलिश किये गये हीरे का निर्यात सालाना आधार पर 4.93 प्रतिशत घटकर 92.45 करोड़ डॉलर (8,828.65 करोड़ रुपये) रह गया, हालाकि मात्रा के हिसाब से अगस्त 2025 में 12.94 लाख कैरेट के मुकाबले अगस्त 2026 में यह 3.23 प्रतिशत बढ़कर 13.36 लाख कैरेट हो गया।
अगस्त में चांदी के आभूषणों का निर्यात 39.66 प्रतिशत घटकर 8.66 करोड़ डॉलर (827.20 करोड़ रुपये) रह गया।
भाषा राजेश पाण्डेय
पाण्डेय