नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वीआई) ने अगले तीन साल में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जुटाने के लिए अपने नकदी प्रवाह को तिगुना करने, नए ऋण जुटाने, कर रिफंड और प्रवर्तकों से पूंजी निवेश पर भरोसा जताया है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) तेजस मेहता ने तिमाही नतीजों पर चर्चा के दौरान कहा कि वीआई वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के दौरान कर-पूर्व आय के रूप में 60,000 करोड़ रुपये की नकदी हासिल करने का लक्ष्य रखती है।
वीआई ने नेटवर्क सुधार और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए 45,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। इसके अलावा, अगले तीन वर्षों में कंपनी को 49,000 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम भुगतान और 5,000-6,000 करोड़ रुपये का कर्ज सेवा भुगतान करना होगा।
मेहता ने कहा कि कंपनी 25,000 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया में है और साख पत्र सुविधा के जरिये 35,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी भी उपलब्ध होगी।
इसके अलावा, आकस्मिक देनदारी समायोजन प्रणाली (सीएलएएम) और आयकर रिफंड से करीब 10,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
ब्रिटेन स्थित वोडाफोन ग्रुप ने देनदारी पुनर्समायोजन समझौते के तहत वोडाफोन आइडिया को 5,836 करोड़ रुपये दिए हैं। संशोधित समझौते के मुताबिक, समूह अगले 12 महीनों में 2,307 करोड़ रुपये और जारी करेगा।
सरकार ने भी कंपनी के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया को घटाकर 64,046 करोड़ रुपये कर दिया है, लेकिन स्पेक्ट्रम देनदारियां बरकरार हैं। मार्च, 2026 तक कंपनी पर स्पेक्ट्रम शुल्क के रूप में 1.27 लाख करोड़ रुपये और एजीआर के रूप में 25,254 करोड़ रुपये का बकाया था।
दूरसंचार कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में करीब छह साल में पहली बार 51,970 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो मुख्य रूप से वैधानिक देनदारियों में राहत के कारण संभव हुआ।
हालांकि, परिचालन स्तर पर कंपनी को तिमाही में 5,515 करोड़ रुपये और पूरे वित्त वर्ष में 24,059 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
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