कोलकाता, 18 मई (भाषा) ‘ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन’ ने सोमवार को यहां एक मुख्य प्रशासनिक कार्यालय के सामने धरना दिया। यूनियन ने 16-सूत्रीय मांगों के चार्टर को पूरा करने की मांग की। इनमें सब-स्टाफ और सशस्त्र गार्डों की भर्ती, बीमा उत्पादों की ‘गलत बिक्री’ को रोकना और कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरना शामिल है।
फेडरेशन ने भारतीय स्टेट बैंक में 25 और 26 मई को दो दिन की देशव्यापी हड़ताल का भी आह्वान किया है।
सोमवार का यह आंदोलन फेडरेशन द्वारा पिछले एक सप्ताह में शुरू किए गए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला का एक हिस्सा था। यूनियन नेताओं ने बताया कि इस धरने में 100 से अधिक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
फेडरेशन की कोलकाता सर्किल इकाई के नेताओं ने सभा को संबोधित किया और मांगों के पीछे के ‘औचित्य’ को समझाया, साथ ही सदस्यों से आने वाले दिनों में एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा।
फेडरेशन द्वारा 25 और 26 मई के लिए जारी हड़ताल नोटिस के अनुसार, यूनियन से जुड़े ‘वर्कमैन’ श्रेणी के कर्मचारी औद्योगिक विवाद अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे।
फेडरेशन ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के मुद्दों को सुलझाने के लिए बने द्विपक्षीय तंत्र ‘संतोषजनक ढंग से काम नहीं कर रहे हैं’ और दावा किया कि समझौतों और करारों का ‘गलत ढंग से क्रियान्वयन या बिल्कुल भी क्रियान्वयन नहीं’ हुआ है।
यूनियन ने अन्य बातों के अलावा यह भी आरोप लगाया कि लक्ष्यों और व्यावसायिक दबाव के कारण बीमा उत्पादों की ‘बड़े पैमाने पर गलत बिक्री’ हो रही है, जिसके चलते ग्राहकों को बिना उचित जानकारी दिए ही ऐसे उत्पाद बेच दिए जाते हैं जो उनके लिए उपयुक्त नहीं होते।
आंदोलन कार्यक्रम के हिस्से के तौर पर, फेडरेशन पहले ही बैज लगाकर विरोध प्रदर्शन, दोपहर के भोजन के समय प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान और सांसदों तथा सरकारी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम आयोजित कर चुका है।
अगले चरण में कैंडल मार्च और इस महीने के अंत में प्रस्तावित अखिल भारतीय बैंक हड़ताल शामिल होगी।
भाषा राजेश राजेश अजय
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