सोने के आभूषणों की बिक्री 2026-27 में 13-15 प्रतिशत तक घटने का अनुमानः क्रिसिल
सोने के आभूषणों की बिक्री 2026-27 में 13-15 प्रतिशत तक घटने का अनुमानः क्रिसिल
मुंबई, 22 मई (भाषा) सोने की बढ़ी कीमतों और आयात शुल्क में हाल की वृद्धि से देश के संगठित स्वर्ण आभूषण खुदरा क्षेत्र की बिक्री मात्रा के लिहाज से चालू वित्त वर्ष में 13-15 प्रतिशत तक घट सकती है। क्रिसिल रेटिंग्स ने शुक्रवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया।
रेटिंग एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में भी सोने के बने आभूषणों की बिक्री में आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
हालांकि, चालू वित्त वर्ष में सोने की ऊंची कीमतों की वजह से प्रति इकाई अधिक मूल्य हासिल होने से इस क्षेत्र का राजस्व 20-25 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऊंची कीमतों के कारण अधिक माल रखने की लागत और बैंक ऋण पर खर्च बढ़ेगा, लेकिन बेहतर राजस्व और नकद प्रवाह से कंपनियों की ऋण स्थिति स्थिर बनी रहेगी।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 720 टन सोने का आयात किया, जिससे 72 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर गई।
सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच अपना व्यापार घाटा कम करने और रुपये को समर्थन देने के उद्देश्य से हाल ही में सोने पर सीमा शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में वैश्विक अनिश्चितताओं और रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू सोने की कीमतों में 55 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे सोना खरीद पाने की क्षमता पर असर पड़ा है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता हल्के वजन और कम कैरेट (16-22 कैरेट) के आभूषणों तथा जड़ाई गहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
पिछले दो वित्त वर्षों में सोन में निवेश की मांग बढ़ी है। इसमें सोने की छड़ (बार) और सिक्कों की बिक्री 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी जबकि आभूषणों की बिक्री 25 प्रतिशत घट गई।
क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक हिमांक शर्मा ने कहा, ‘सीमा शुल्क में वृद्धि सोने की मांग के लिए एक बड़ी बाधा साबित होगी और चालू वित्त वर्ष में आभूषण क्षेत्र की बिक्री मात्रा 13-15 प्रतिशत घटकर 620-640 टन रह सकती है जो एक दशक का निचला स्तर होगा।’
रेटिंग एजेंसी के सह निदेशक गौरव अरोड़ा ने कहा कि आभूषणों के संगठित खुदरा विक्रेता फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए सावधानीपूर्वक विस्तार कर रहे हैं, जिससे पूंजी दक्षता बढ़ रही है और छोटे शहरों तक उनकी पहुंच बन रही है।
हालांकि, रिपोर्ट कहती है कि सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव, आयात शुल्क में आगे और बदलाव की संभावना और उपभोक्ता मांग में परिवर्तन जैसे जोखिमों पर नजर रखना जरूरी होगा।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

Facebook


