भारत, यूरोपीय संघ जल्द ही व्यापार समझौते के पाठ की कानूनी समीक्षा पूरी कर लेंगे: गोयल

भारत, यूरोपीय संघ जल्द ही व्यापार समझौते के पाठ की कानूनी समीक्षा पूरी कर लेंगे: गोयल

भारत, यूरोपीय संघ जल्द ही व्यापार समझौते के पाठ की कानूनी समीक्षा पूरी कर लेंगे: गोयल
Modified Date: July 13, 2026 / 10:23 pm IST
Published Date: July 13, 2026 10:23 pm IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते के पाठ की कानूनी समीक्षा अगले ‘एक या दो हफ्ते’ में पूरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि इसे भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के लागू होने के कुछ महीनों बाद लागू किया जाएगा जो 15 जुलाई से प्रभावी हो रहा है।

गोयल ने इंडिया-स्पेन व्यापार मंच को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की कानूनी समीक्षा अगले एक या दो सप्ताह में पूरी हो जानी चाहिए।’’

मंत्री आधिकारिक यात्रा पर स्पेन में हैं।

गोयल ने कहा कि किसी भी सदस्य देश में भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते की कोई आलोचना नहीं हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी सदस्य भारत के साथ इस साझेदारी में पूरी तरह सहमत हैं। भारत में भी कोई असहमति या असंतोष नहीं है।’’

भारत और यूरोप की संयुक्त रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

मंत्री ने भारत-स्पेन व्यापार का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने की बहुत संभावना है। वर्तमान में यह 10 अरब डॉलर से कम है। 2025-26 में यह 9.2 अरब डॉलर था।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और पर्यटन ऐसे क्षेत्र हैं जहां दोनों पक्ष सहयोग बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आइए हम साथ बैठकर भविष्य के लिए एक रूपरेखा तैयार करें।’’

गोयल ने पूछा, ‘‘क्या हम अगले 10 वर्षों में स्पेन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 10 गुना बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं? क्या हम अगले 10 वर्षों में दोनों देशों के पर्यटकों की संख्या 10 गुना बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं? क्या हम अगले 10 वर्षों में निवेश को 10 गुना बढ़ाने की कल्पना कर सकते हैं?

उन्होंने इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक व्यावहारिक योजना बनाने का सुझाव दिया।

यूरोपीय संघ में 27 सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड आते हैं।

भारत में स्पेन की लगभग 300 कंपनियां काम कर रही हैं, वहीं लगभग 100 भारतीय कंपनियों की स्पेन में मौजूदगी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि भारत और स्पेन को एक-दूसरे के लोगों और व्यापार में निवेश करना चाहिए। दोनों देशों को भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते से खुले अवसरों का लाभ उठाना चाहिए और पर्यटन तथा प्रतिभा को जोड़ने पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

भाषा रमण अजय

अजय


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