सोने पर कर्ज देने वाली एनबीएफसी का एयूएम अगले साल चार लाख करोड़ रुपये होने का अनुमानः क्रिसिल

सोने पर कर्ज देने वाली एनबीएफसी का एयूएम अगले साल चार लाख करोड़ रुपये होने का अनुमानः क्रिसिल

सोने पर कर्ज देने वाली एनबीएफसी का एयूएम अगले साल चार लाख करोड़ रुपये होने का अनुमानः क्रिसिल
Modified Date: January 22, 2026 / 06:03 pm IST
Published Date: January 22, 2026 6:03 pm IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) सोने के आभूषणों पर कर्ज देने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की प्रबंधन-अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) अगले वित्त वर्ष तक लगभग 40 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है और मार्च 2027 तक ये चार लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती हैं। यह जानकारी क्रिसिल रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस वृद्धि के पीछे बढ़ती हुई सोने की कीमतें, सुरक्षित कर्ज की तरफ झुकाव और विकसित नियामकीय माहौल मुख्य कारक हैं। वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बीच इन एनबीएफसी की वार्षिक वृद्धि दर 27 प्रतिशत थी।

वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में सोने की कीमतें लगभग 68 प्रतिशत बढ़कर ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं।

क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक अपर्णा किरुबकरण ने कहा कि सोने के दाम उछलने से गिरवी रखे गए सोने का मूल्य भी बढ़ा है, जिससे उधारदाताओं को अपने ऋण वितरण को बढ़ाने में मदद मिल रही है। असुरक्षित ऋण जैसे विकल्पों से सीमित क्रेडिट उपलब्ध होने के कारण उधारकर्ता अन्य वित्तीय स्रोतों की ओर देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति का लाभ उठाने के लिए बड़े और मध्यम आकार की स्वर्ण-ऋण वाली एनबीएफसी बैंकों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपने बाजार विस्तार में जुटी हैं।

उन्होंने बताया कि मजबूत ब्रांड पहचान वाली बड़ी एनबीएफसी अपनी मौजूदा शाखाओं में पोर्टफोलियो बढ़ा रही हैं। वहीं, मध्यम आकार की कंपनियां शाखा नेटवर्क बढ़ाने के साथ बड़ी एनबीएफसी और बैंकों के लिए ऋण उत्पन्न करने वाले भागीदार के रूप में काम कर रही हैं।

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि नियामकीय मोर्चे पर, एक अप्रैल से लागू होने वाले कम मूल्य वाले सोने-ऋण के लिए ‘मूल्य पर देय कर्ज’ (एलटीवी) मानकों के सरलीकरण से एनबीएफसी को उधार देने के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सोने पर कर्ज देने वाली एनबीएफसी को जोखिम प्रबंधन और संचालन प्रक्रियाओं पर सख्त नियंत्रण बनाए रखना होगा, जिसमें गिरवी रखे सोने की शुद्धता, वजन और प्रामाणिकता का मूल्यांकन शामिल है।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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