नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को कम मांग के कारण सोने की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई और यह 100 रुपये टूटकर 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत पिछले सत्र में 1,58,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, हालांकि, चांदी ने इस रुख के उलट प्रदर्शन किया और लगातार दूसरे सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी। यह मंगलवार के 2,41,100 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद स्तर से 2,300 रुपये बढ़कर 2,43,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) हो गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक -जिंस सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘सोने की कीमत एक सीमित दायरे में रही है क्योंकि निवेशक इस सप्ताह के आखिर में आने वाले महत्वपूर्ण अमेरिकी महंगाई आंकड़ों से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच लगातार महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।
गांधी ने कहा, ‘‘ऊर्जा की अधिक लागत महंगाई के दबाव को बढ़ा सकती है और इस संभावना को मजबूत कर सकती है कि ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं, जिससे सर्राफा में बढ़त सीमित हो सकती है।’’
वैश्विक बाजार में, हाजिर सोना 43.67 डॉलर या एक प्रतिशत बढ़कर 4,399.22 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 66.25 डॉलर प्रति औंस हो गई।
मिराए एसेट शेरखान में जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद हाजिर सोने में सुधार हुआ क्योंकि कारोबारी दीर्घावधिक ऋण पुनर्खरीद कार्यक्रम पर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की घोषणा का इंतजार कर रहे थे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के जिंस विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, ‘‘बाजार का ध्यान अब पूरी तरह से इस सप्ताह के आखिर में आने वाले अमेरिकी पीपीआई और सीपीआई आंकड़ों पर है, जो यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि क्या महंगाई का दबाव सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने को सही ठहराता है।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
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