नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) मजबूत वैश्विक रुझानों के बीच राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने की कीमतों में 1,400 रुपये की तेजी आई और यह करीब 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,400 रुपये बढ़कर 1,46,900 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गया जबकि शुक्रवार को यह 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
हालांकि, चांदी की कीमतों में लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। चांदी 1,000 रुपये टूटकर 2,21,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई। पिछले सत्र में यह 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
चांदी में 10 जुलाई के बाद से अब तक कुल 15,500 रुपये यानी करीब 6.5 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है।
सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद सोने में निचले स्तर पर खरीदारी देखने को मिली, जिससे इसकी कीमतों को सहारा मिला। वहीं, चांदी में बिकवाली का दबाव बना रहा, क्योंकि निवेशक भू-राजनीतिक जोखिमों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलने और पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद सस्ते स्तर पर खरीदारी आने से सोमवार को सोने में तेजी आई।”
उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर में नरमी से भी विदेशी खरीदारों के लिए सोना अधिक आकर्षक बना।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना मामूली बढ़त के साथ करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी करीब दो प्रतिशत चढ़कर 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।
कोटक सिक्योरिटीज की सहायक उपाध्यक्ष (जिंस अनुसंधान) कायनात चैनवाला ने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थता के प्रयास जारी रहने से बाजार पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव एक प्रमुख कारक बना हुआ है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 85 डॉलर के स्तर को पार कर गया।
मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि निकट अवधि में सोना सीमित दायरे में रह सकता है और भू-राजनीतिक घटनाक्रम अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को प्रभावित करेंगे, जबकि अमेरिकी मौद्रिक नीति सख्त रहने की संभावना से सोने में बड़ी तेजी सीमित रह सकती है।
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