नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने की कीमत 1,600 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मुद्रास्फीति की चिंताएं कम होने और हाल की बिकवाली के बाद निवेशकों के सर्राफा बाजार में लौटने से सोने के दाम चढ़े।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना बृहस्पतिवार के बंद भाव 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में 1,600 रुपये चढ़कर 1,56,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया।
चांदी में भी जोरदार उछाल देखा गया और यह 5,000 रुपये बढ़कर 2.47 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह धातु 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर बंद हुई थी।
ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ”डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में नरमी आने से हाल की बिकवाली के बाद सोने में तेज सुधार हुआ। इसका कारण फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि के बाद निवेशकों ने अपने सौदों का फिर से मूल्यांकन किया।”
चांदी का प्रदर्शन सोने से बेहतर रहा, जबकि तेल की कीमतें लगातार तीसरे सत्र में टूटकर 101 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। सऊदी अरब से आपूर्ति बहाल होने की उम्मीदों और वैकल्पिक शिपिंग मार्गों ने आपूर्ति व्यवधान की आशंकाओं को दूर किया है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी एक जोखिम बना हुआ है।
वैश्विक सर्राफा बाजारों में हाजिर सोना 50.96 डॉलर यानी 1.17 प्रतिशत चढ़कर 4,392.78 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 3.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 67.21 डॉलर पर रही।
मिराए एसेट शेयरखान के जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ”हाजिर बाजार में सोने ने लगातार दूसरे दिन अप्रत्याशित तेजी दिखाई, क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक नीति रुख के असर को कुछ हद तक बेअसर कर दिया है।”
हालांकि, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल के उच्च स्तर पर बने रहने से सर्राफा की बढ़त पर कुछ अंकुश लगा।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण