अमेरिकी राजदूत गोर ने टाटा लॉकहीड मार्टिन विनिर्माण केंद्र का दौरा किया

अमेरिकी राजदूत गोर ने टाटा लॉकहीड मार्टिन विनिर्माण केंद्र का दौरा किया

अमेरिकी राजदूत गोर ने टाटा लॉकहीड मार्टिन विनिर्माण केंद्र का दौरा किया
Modified Date: August 24, 2026 / 04:52 pm IST
Published Date: August 24, 2026 4:52 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि सी-130जे सैन्य परिवहन विमान के लिए महत्वपूर्ण संरचनाओं का भारत में उत्पादन दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का एक मजबूत उदाहरण है और इस तरह के प्रयास एक स्वतंत्र तथा सुरक्षित हिंद-प्रशांत के साझा नजरिये को आगे बढ़ाते हैं।

अमेरिकी राजदूत ने हैदराबाद स्थित ‘टाटा-लॉकहीड मार्टिन एयरोस्ट्रक्चर्स लिमिटेड’ के विनिर्माण संयंत्र का दौरा करने के बाद यह टिप्पणी की।

यह संयुक्त उद्यम भारत के ‘मेक इन इंडिया’ उद्देश्यों को पूरा करने पर केंद्रित है और इसकी स्थापना 2010 में हुई थी। यह अमेरिका में निर्मित होने वाले सभी नए सुपर हरक्यूलिस विमानों में शामिल सी-130जे एम्पेनेज असेंबली का एकमात्र वैश्विक आपूर्तिकर्ता है।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लॉकहीड मार्टिन का यह संयुक्त उद्यम अब लगभग 80 मध्यम परिवहन विमानों (एमटीए) की भारत की आवश्यकता को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

लॉकहीड मार्टिन का सी-130जे, एम्ब्रेयर डिफेंस एंड सिक्योरिटी का सी-390 मिलेनियम और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस का ए-400एम विमान इस बड़े अनुबंध के लिए शीर्ष दावेदारों के रूप में उभरे हैं। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) इस समय 12 सी-130जे विमानों का संचालन कर रही है।

अपनी यात्रा के दौरान, राजदूत गोर ने उस उत्पादन लाइन का दौरा किया जो सी-130जे सुपर हरक्यूलिस के लिए एम्पेनेज बनाती है।

गोर ने कहा, ”अमेरिका और भारत के बीच दशकों पुरानी आर्थिक साझेदारी नवाचार, साझा सुरक्षा हितों और आर्थिक सहयोग के माध्यम से लगातार मजबूत हो रही है।”

भाषा अजय पाण्डेय

अजय


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