सरकार ने नामित एजेंसियों के माध्यम से चांदी आयात के लिए डीजीएफटी मंजूरी अनिवार्य किया

सरकार ने नामित एजेंसियों के माध्यम से चांदी आयात के लिए डीजीएफटी मंजूरी अनिवार्य किया

सरकार ने नामित एजेंसियों के माध्यम से चांदी आयात के लिए डीजीएफटी मंजूरी अनिवार्य किया
Modified Date: June 2, 2026 / 09:43 pm IST
Published Date: June 2, 2026 9:43 pm IST

नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि रिजर्व बैंक नामित एजेंसियों, डीजीएफटी अनुमोदित संस्थाओं और इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के माध्यम से पात्र आभूषण विक्रेताओं के जरिये चांदी के आयात को केवल वैध आयात मंजूरी के तहत ही अनुमति दी जाएगी।

इस कदम ने चांदी के आयात मानदंडों को और सख्त कर दिया है।

आयात मंजूरी विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) द्वारा जारी की जाएगी।

पिछले महीने सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ा है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि अधिकृत एजेंसियों को चांदी के आयात को लेकर डीजीएफटी से मंजूरी के आधार पर ही अनुमति होगी। इसमें सोने या प्लैटिनम के साथ चढ़ाया हुआ चांदी या पाउडर के रूप में, बिना गढ़े या अर्ध-निर्मित रूप में और वजन के हिसाब से 99.9 प्रतिशत या अधिक के रूप में चांदी शामिल है।

चांदी का आयात अप्रैल में सालाना आधार पर 157 प्रतिशत बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर का हो गया। वर्ष 2025-26 में यह लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर का हो गया।

भारत चांदी मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और चीन से आयात करता है। कीमती धातु का उपयोग आभूषण बनाने और औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।

भाषा राजेश राजेश रमण

रमण


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