नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर लगाए जाने वाले अप्रत्याशित लाभ कर में कटौती कर दी है। यह बदलाव एक जून से लागू होगा। हालांकि, घरेलू खपत वाले ईंधन पर कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को तीन रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
इसी तरह, डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को 16.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, विमान ईंधन पर लगने वाला शुल्क 16 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 9.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। नई दरें एक जून से लागू होंगी।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल के घरेलू उपयोग पर लागू सड़क एवं अवसंरचना उपकर शून्य रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकार ने हाल के महीनों में अप्रत्याशित लाभ कर व्यवस्था में कई बार संशोधन किया है। यह कदम कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव के अनुरूप किया गया है।
फरवरी के अंत में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से ही कच्चे तेल में काफी तेजी देखी जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से घरेलू बाजार तक इसकी पहुंच भी प्रभावित हुई है।
पहले ईंधन उत्पादों के निर्यात पर भारी शुल्क लगाए गए थे, जिन्हें समय-समय पर समीक्षा के बाद घटाया जाता रहा है। ऐसा घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
मंत्रालय ने कहा कि यह कर व्यवस्था घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वैश्विक कीमतों में अंतर का अनुचित लाभ उठाने से रोकने के उद्देश्य से लागू की गई थी।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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