नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में 6.77 लाख करोड़ रुपये की बाजार से उधारी जुटाने की योजना बनाई है। इससे चालू वित्त वर्ष के लिए कुल उधारी का अनुमान 10,000 करोड़ रुपये कम हो गया है।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि बजट 2025-26 में सरकार ने 14.82 लाख करोड़ रुपये की सकल उधारी का अनुमान जताया था।
हालांकि वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में सरकार की उधारी 5,000 करोड़ रुपये कम हुई। इसके अलावा दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के अनुमान में भी 5,000 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई है।
इस तरह से चालू वित्त वर्ष के लिए कुल उधारी अब 14.72 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह बजट अनुमान से 10,000 करोड़ रुपये कम होगा।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि दूसरी छमाही की 6.77 लाख करोड़ रुपये की उधारी में से 10,000 करोड़ रुपये सरकारी हरित बॉन्ड के जरिये जुटाने की योजना है।
पहली छमाही में सरकार ने आठ लाख करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बनाई थी, जिसमें से 7.95 लाख करोड़ रुपये ही उधार लिए गए।
सरकार दूसरी छमाही में उधारी की योजना को 22 साप्ताहिक नीलामी के माध्यम से छह मार्च 2026 तक पूरा करेगी।
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा कि कुल सकल उधारी अब 14.72 लाख करोड़ रुपये है, जो प्रारंभिक अनुमान से थोड़ा कम है।
उन्होंने कहा, ‘मैं यह बात फिर कहूंगी कि सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने के प्रति प्रतिबद्ध है।’
सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 प्रतिशत तक लाना है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 4.8 प्रतिशत था।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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