सरकार वाहन उद्योग की वृद्धि के लिए स्थिर नीतिगत माहौल देने को प्रतिबद्धः कुमारस्वामी
सरकार वाहन उद्योग की वृद्धि के लिए स्थिर नीतिगत माहौल देने को प्रतिबद्धः कुमारस्वामी
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार का स्थिर नीतिगत माहौल बनाए रखने पर ध्यान है ताकि घरेलू वाहन कलपुर्जा उद्योग वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को आकार देने में अहम भूमिका निभा सके।
कुमारस्वामी ने वाहन कलपुर्जा विनिर्माताओं के संगठन एक्मा के एक कार्यक्रम में कहा कि विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ रहे भारत के लिए अगली पीढ़ी की आपूर्ति शृंखलाओं में वाहन कलपुर्जा उद्योग केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा, “इलेक्ट्रॉनिक्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, हल्की एवं हल्के वजन वाली सामग्री और बुद्धिमत्ता प्रणाली जैसे क्षेत्रों में नवाचार वैश्विक प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होंगे। सरकार स्थिर नीतिगत माहौल देने, प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने और उद्योग के साथ मिलकर पैमाना, गुणवत्ता और निर्यात बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य भारतीय विनिर्माताओं को केवल वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भागीदार बनाना ही नहीं, बल्कि उनमें नेतृत्व की भूमिका निभाने के लायक बनाना है।
कुमारस्वामी ने व्यापार के मोर्चे पर कहा, ‘‘भारत ने प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ संतुलित और रणनीतिक जुड़ाव अपनाया है। यूरोपीय संघ के साथ समझौता गैर-शुल्क बाधाओं, नियामकीय सहयोग और विशेषकर उत्सर्जन टिकाऊपन और उन्नत वाहन प्रौद्योगिकियों में मानक समन्वय पर केंद्रित है।’’
उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत चुनिंदा वाहन कलपुर्जों को तरजीही बाजार पहुंच देने संबंधी प्रतिबद्धताओं का भी उल्लेख किया।
केंद्रीय मंत्री ने भारतीय वाहन उद्योग को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में से एक बताते हुए कहा कि वाहन उत्पादन 2023-24 के 2.84 करोड़ इकाइयों से बढ़कर 2024-25 में करीब 3.1 करोड़ इकाइयों तक पहुंच गया है। इस दौरान वाहन निर्यात भी 45 लाख से बढ़कर 53 लाख इकाई से अधिक हो गया।
उन्होंने कहा कि सरकार दुर्लभ मृदा विनिर्माण और संबंधित गलियारों के निर्माण सहित विभिन्न पहल के जरिये इस क्षेत्र को समर्थन दे रही है।
केंद्रीय बजट में निर्माण एवं अवसंरचना उपकरण क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 13,000 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है, जिससे भारी इंजीनियरिंग और अवसंरचना विकास को बल मिलेगा।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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