सरकार हाइड्रोजन आधारित प्रणालियों के लिये फेम जैसी योजना लाने पर पर कर रही विचार: नीति आयोग सदस्य

सरकार हाइड्रोजन आधारित प्रणालियों के लिये फेम जैसी योजना लाने पर पर कर रही विचार: नीति आयोग सदस्य

सरकार हाइड्रोजन आधारित प्रणालियों के लिये फेम जैसी योजना लाने पर पर कर रही विचार: नीति आयोग सदस्य
Modified Date: November 29, 2022 / 08:48 pm IST
Published Date: November 27, 2020 4:52 pm IST

नयी दिल्ली, 27 नवंबर (भाषा) नीति आयोग के सदस्य वी के सारस्वत ने शुक्रवार को कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की फेम योजना की तरह हाइड्रोजन आधारित प्रणालियों के लिये भी कार्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इस पहल का मकसद हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को गति देना है।

उद्योग मंडल फिक्की के वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सारस्वत ने कहा कि सरकार व्यापक स्तर पर हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिये समिति बना रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘बैटरी चालित वाहनों के लिये जिस प्रकार हम फेम ( हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकृति और विनिर्माण में तेजी) योजना लाये हैं, क्या उस तरह से हाइड्रोजन चालित प्रणालियों या फ्यूल सेल चालित प्रणालियों के लिये ला सकते हैं। क्या हम जीएसटी संबंधी ढांचागत सुविधा की तरह व्यवस्था ला सकते हैं। इन सभी पर विचार जारी है।’’

सरकार अप्रैल 2015 में फेम योजना लायी थी। इसका मकसद प्रोत्साहन के जरिये इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड (पेट्रोल और बिजली दोनों से चलने वाले) वाहनों के विनिर्माण और उपयोग को बढ़ावा देना है।

सारस्वत ने कहा कि जहां तक हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था का सवाल है, इस पर उच्च स्तर पर काम जारी है।

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को एक साथ लाने के लिये व्यापक स्तर पर कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार समिति बना रही है जो देश में हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।

सारस्वत ने कहा कि इस संदर्भ में महिंद्रा एंड महिंद्रा समेत उद्योग भागीदरों के साथ कुछ बैठकें भी हुई है।

नीति आयोग के सदस्य ने कहा कि हाइड्रोजन उत्पादन में अनुसंधान को लेकर निवेश की जरूरत है। साथ ही उद्योग के भागीदारी की भी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हाइड्रोजन का भारत के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण हिस्सा होगा क्योंकि अगले 2-3 साल में इसकी कीमतें नीचे आएंगी।’’

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


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