मुक्त व्यापार समझौतों के अधिकतम इस्तेमाल के लिए सरकार बना रही विस्तृत योजनाः गोयल

मुक्त व्यापार समझौतों के अधिकतम इस्तेमाल के लिए सरकार बना रही विस्तृत योजनाः गोयल

मुक्त व्यापार समझौतों के अधिकतम इस्तेमाल के लिए सरकार बना रही विस्तृत योजनाः गोयल
Modified Date: May 12, 2026 / 08:19 pm IST
Published Date: May 12, 2026 8:19 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) सरकार भारतीय उद्योग द्वारा मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के बेहतर उपयोग के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रही है। इसके तहत 500 प्रतिनिधिमंडल विदेश भेजे जाएंगे, 1,000 लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा और करीब 1,600 उद्योग संगठनों से संपर्क साधा जाएगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को यहां उद्योग मंडल सीआईआई के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच इन व्यापार समझौतों का अधिक इस्तेमाल निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा, “हम विस्तृत स्तर पर योजना बना रहे हैं कि इन एफटीए का लाभ किस तरह उठाया जाए और वैश्विक संकट को अवसर में बदला जाए।”

गोयल ने कहा कि स्विट्जरलैंड, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे देशों में प्रति व्यक्ति आय अधिक है और वे भारत की तुलना में कम लागत पर उत्पादन नहीं कर सकते। इस तरह भारत के पास प्रतिस्पर्धी विनिर्माण और प्रतिभा की ताकत है, जिससे वह इन बाजारों का बेहतर उपयोग कर सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगले आठ-नौ महीनों में एफटीए वाले देशों में भारत से 500 प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना है। साथ ही 1,600 उद्योग मंडलों के साथ संपर्क कर नए उत्पादों के निर्यात और नए बाजारों की पहचान को बढ़ावा दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि 1,000 पेशेवरों को प्रशिक्षित कर विभिन्न जिलों में तैनात किया जाएगा, जो उद्यमियों को इन व्यापार समझौतों के लाभ और उपयोग के बारे में जानकारी देंगे।

गोयल ने कहा कि कुछ ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए वैश्विक स्तर पर विस्तार करना तत्काल जरूरी है।

उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर में गोदामों के वित्तपोषण पर विचार कर रहे हैं, ताकि कंपनियां अपने उत्पादों का वहां भंडारण कर सकें और मांग के अनुरूप आपूर्ति कर सकें।”

उन्होंने कहा कि अगले पांच-छह वर्षों में 2,000 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए उद्योग के साथ मिलकर काम किया जाएगा। लगभग 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि वाहन, इस्पात और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में नवाचार एवं प्रतिस्पर्धा के बल पर निर्यात वृद्धि की पर्याप्त संभावना है।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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