पीएम इंटर्नशिप योजना में सुस्त प्रतिक्रिया पर सरकार ने कंपनियों के रुख पर उठाए सवाल
पीएम इंटर्नशिप योजना में सुस्त प्रतिक्रिया पर सरकार ने कंपनियों के रुख पर उठाए सवाल
नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) को लेकर अपेक्षाकृत सुस्त प्रतिक्रिया आने के बीच सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि यदि शीर्ष कंपनियां देश के युवाओं को आकर्षित नहीं कर पा रही हैं तो यह ‘काफी सवाल खड़ा करने वाली’ बात है।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय में सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने यहां उद्योग मंडल सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा कि पीएमआईएस केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उद्योग की अगुवाई वाली एक बदलावकारी पहल है।
उन्होंने इस योजना को लेकर आ रही धीमी प्रतिक्रिया पर कहा, ‘‘यदि शीर्ष 2,000 कंपनियां युवाओं को अपने साथ जोड़ने में सफल नहीं हो पा रही हैं तो उन्हें अपनी कार्यप्रणाली और इंटर्नशिप की गुणवत्ता पर पुनर्विचार करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, “यदि हम देश के प्रतिभाशाली युवाओं को आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं, तो हमें यह सोचना होगा कि हम उन्हें क्या प्रस्ताव दे रहे हैं और हमारे काम एवं इंटर्नशिप की गुणवत्ता कैसी है।”
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को इंटर्नशिप का मौका दिया जाता है और उन्हें न्यूनतम 9,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलती है। वर्तमान में इस योजना के पायलट चरण का तीसरा दौर चल रहा है।
मुखर्जी ने कहा कि इस योजना को केवल संख्या के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह उन लोगों के बारे में है जो इन आंकड़ों के पीछे हैं।”
उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि योजना को महज एक औपचारिकता के रूप में न लें, बल्कि इसे युवाओं के जीवन में बदलाव लाने के अवसर के रूप में देखें।
सरकार ने मार्च में लोकसभा में यह जानकारी दी थी कि योजना के पायलट चरण के पहले दो दौर में 7,292 अभ्यर्थियों ने इंटर्नशिप पूरी किए बिना ही छोड़ दी।
तीन अक्टूबर, 2024 से शुरू हुए योजना के पहले दौर में 6.21 लाख आवेदन मिले थे और 60,000 से अधिक उम्मीदवारों को 82,000 से अधिक इंटर्नशिप ऑफर दिए गए, जिनमें 8,760 ने जॉइन किया।
वहीं, नौ जनवरी, 2025 से शुरू हुए दूसरे दौर में 4.55 लाख आवेदन मिले थे। साझेदार कंपनियों ने 71,000 से अधिक उम्मीदवारों को 83,000 ऑफर दिए और 7,300 से अधिक युवा इंटर्नशिप का हिस्सा बने।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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