चालू वित्त वर्ष में 5.9 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर लेगी सरकारः वित्त सचिव

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चालू वित्त वर्ष में 5.9 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर लेगी सरकारः वित्त सचिव

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  • Publish Date - August 18, 2023 / 07:44 PM IST,
    Updated On - August 18, 2023 / 07:44 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) वित्त सचिव टी वी सोमनाथन ने शुक्रवार को कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 5.9 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य हासिल कर लेगी क्योंकि कर और गैर-कर राजस्व मदों में संग्रह मजबूत होने से खर्च जरूरत को पूरा करने में मदद मिलेगी।

हालांकि सोमनाथन ने विनिवेश से प्राप्त होने वाली राशि में कमी आने की आशंका जताने के साथ ही कहा कि इसकी भरपाई गैर-कर राजस्व संग्रह से कर ली जाएगी।

सोमनाथन ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, “विनिवेश लक्ष्य पूरा हो पाने की उम्मीद कम है। हालांकि, कुल मिलाकर विनिवेश और गैर-कर राजस्व की सामूहिक राशि बजट के बहुत करीब होने की संभावना है।”

वित्त सचिव ने कहा, “हमें इस वर्ष अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य पर कायम रहने की उम्मीद हैं…।’’

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.9 प्रतिशत पर सीमित रखने का लक्ष्य बजट में घोषित किया था। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य तय किया है।

सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से पहले से ही ऊंचा लाभांश मिला है और उसे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य इकाइयों से भी बजट अनुमान से ज्यादा लाभांश मिलने की उम्मीद है।

आरबीआई ने मई में केंद्र सरकार को 2022-23 के लिए 87,416 करोड़ रुपये के लाभांश भुगतान को मंजूरी दी। यह बीते वित्त वर्ष के लाभांश का लगभग तीन गुना है।

सरकार चालू वित्त वर्ष में आरबीआई, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से 48,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद कर रही है।

लेखा वर्ष 2021-22 के लिए आरबीआई ने 30,307 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 2022-23 में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभ होने से सरकार को इनसे ऊंचा लाभांश मिलने की उम्मीद है।

भाषा अनुराग रमण प्रेम

प्रेम