गोयल ने लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित

गोयल ने लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए किया आमंत्रित

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  • Publish Date - January 7, 2026 / 09:14 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 09:14 PM IST

(तस्वीर के साथ)

नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को यूरोपीय देश लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित करने के साथ भारत–ईएफटीए व्यापार समझौते का लाभ उठाकर अपनी मौजूदगी बढ़ाने का आह्वान किया।

भारत और चार यूरोपीय देशों के समूह यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच मुक्त व्यापार समझौता पिछले वर्ष लागू हुआ था। ईएफटीए के सदस्यों में आइसलैंड, लिश्टेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। इस समझौते के तहत भारत को अगले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता मिली है।

लिश्टेंस्टाइन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे गोयल ने कहा कि भारत बड़े पैमाने के अवसर, सुधारों की तेज रफ्तार, तेजी से बढ़ता उपभोक्ता बाजार, मजबूत औद्योगिक आधार और कारोबारी सुगमता, डिजिटलीकरण तथा बुनियादी ढांचे के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मकता की पेशकश करता है।

उन्होंने लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों से आग्रह किया कि वे इस समझौते को भारत में विनिर्माण और नवाचार साझेदारियां विकसित करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में उभरते अवसरों में भागीदारी के मंच के रूप में उपयोग करें।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने वैश्विक कारोबारी माहौल पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान, अनिश्चितता और बढ़ती अस्थिरता के बीच दोनों देश मिलकर निवेशकों और उद्यमों को स्थिरता तथा पहले से अनुमान लगाने की क्षमता प्रदान कर सकते हैं।

मंत्रालय ने कहा, ‘भारत का विशाल आकार, प्रतिभा और विनिर्माण क्षमता लिश्टेंस्टाइन की विशिष्ट औद्योगिक विशेषज्ञता, उच्च-मूल्य नवाचार और वित्तीय दक्षता के साथ पूरक बन सकती है। दोनों देश मिलकर मजबूत मूल्य शृंखलाएं और भरोसेमंद निवेश का एक पुल तैयार कर सकते हैं।’

गोयल ने ईएफटीए कंपनियों से भारत में प्रमुख व्यापार एवं निवेश आयोजनों में अधिक भागीदारी का भी आग्रह किया।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण