ज्यादातर संचार प्रौद्योगिकी कंपनियों का विचार, एआई होगा राजस्व वृद्धि का प्रमुख आधार: रिपोर्ट
ज्यादातर संचार प्रौद्योगिकी कंपनियों का विचार, एआई होगा राजस्व वृद्धि का प्रमुख आधार: रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) देश में ज्यादातर संचार प्रौद्योगिकी कंपनियों का मानना है कि अगले तीन से पांच वर्षों में कृत्रिम मेधा (एआई) उनके राजस्व वृद्धि का प्रमुख आधार होगी। दूरसंचार उपकरण बनाने वाली कंपनी सिएना की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है।
सेंससवाइड ने यह अध्ययन 12 बाजारों में 1,200 दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, थोक फाइबर नेटवर्क संचालकों और क्षेत्रीय सेवा प्रदाताओं के बीच किया। इस अध्ययन में भारत के 100 प्रतिभागी शामिल थे।
अध्ययन के अनुसार, 98 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि अगले तीन वर्षों में अलग-अलग स्थानों पर मौजूद एआई कंप्यूटिंग केंद्रों को जोड़ने वाली प्रबंधित ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एमओएफएन) सेवाएं राजस्व में योगदान देंगी।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘भारत के 67 प्रतिशत सेवा प्रदाता इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि एआई आधारित नेटवर्क सेवाएं अगले तीन से पांच वर्षों में नए राजस्व का प्रमुख स्रोत होंगी।’’
तेरह से 23 जुलाई के बीच किए गए सर्वेक्षण में पाया गया कि 88 प्रतिशत सेवा प्रदाता प्रीमियम उद्यम एआई आधारित संपर्क सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए ऑप्टिकल नेटवर्क के उन्नयन की तत्काल आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।
सिएना के एशिया प्रशांत, भारत और जापान क्षेत्र के उपाध्यक्ष एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी गौतम बिल्ला ने कहा कि दुनिया में सबसे तेज 5जी विस्तार में से एक को पूरा करने के बाद भारतीय सेवा प्रदाता अब एआई बुनियादी ढांचे के निर्माण और एआई से राजस्व अर्जित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘एआई की गति लगातार बढ़ रही है और सर्वेक्षण के नतीजे एआई आधारित सेवाओं से राजस्व की संभावनाओं को लेकर बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।’’
भाषा रमण अजय
अजय

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