ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगी : किरेन रीजीजू

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ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगी : किरेन रीजीजू

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  • Publish Date - June 20, 2026 / 07:49 PM IST,
    Updated On - June 20, 2026 / 07:49 PM IST

श्री विजय पुरम, 20 जून (भाषा) संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को कहा कि ग्रेट निकोबार परियोजना भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ देश को आपूर्ति शृंखला के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार द्वीप के समग्र विकास का उद्देश्य आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। परियोजना को आगे बढ़ाते समय सभी आवश्यक नियमों और पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जा रहा है।

रीजीजू ने कहा, ‘‘कुछ लोग इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। वे भारत की प्रगति नहीं देखना चाहते। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि ग्रेट निकोबार परियोजना देश की आर्थिक वृद्धि का केंद्रबिंदु बनेगी। यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में विकसित होगी।’’

शुक्रवार से अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के तीन दिवसीय दौरे पर आए मंत्री ने कहा कि यह परियोजना द्वीपसमूह के आर्थिक और सामरिक महत्व को बढ़ाकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने में योगदान देगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अप्रैल में अंडमान-निकोबार यात्रा के दौरान इस परियोजना का विरोध किए जाने का परोक्ष उल्लेख करते हुए रीजीजू ने कहा, ‘‘यह नाटक करने का समय नहीं है। वह यहां आए, समुद्र में गोता लगाया और परियोजना के खिलाफ अभियान चलाया। मैंने भी यहां गोता लगाया और यहां अपार संभावनाएं देखीं। हमें झूठे विमर्श फैलाने के बजाय देश के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए।’’

पिछले 12 वर्षों में नरेन्द्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लगभग पांच प्रतिशत तक सीमित रखा गया, जबकि कई देशों में यह वृद्धि 20 प्रतिशत से लेकर लगभग 100 प्रतिशत तक रही।

मंत्री ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद पूरी दुनिया बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को इससे काफी हद तक सुरक्षित रखा। यह प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण संभव हो सका।’’

भाषा योगेश रमण

रमण