जीएसटीएटी अध्यक्ष ने दायर अपीलों की संख्या कम होने पर चिंता जताई

Ads

जीएसटीएटी अध्यक्ष ने दायर अपीलों की संख्या कम होने पर चिंता जताई

  •  
  • Publish Date - August 21, 2026 / 05:35 PM IST,
    Updated On - August 21, 2026 / 05:35 PM IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संजय कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अब तक दायर मामलों की संख्या कम होने पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि अब तक केवल 74,758 मामले ही दायर किए गए हैं, जबकि उन्हें करीब ढाई लाख मामलों की उम्मीद थी।

जीएसटीएटी का ई-फाइलिंग पोर्टल 24 सितंबर, 2025 को शुरू हुआ था और अपील दायर करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 थी।

उन्होंने कहा कि प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष करीब 3.5 लाख मामले दायर किए गए थे, जिससे जीएसटीएटी के समक्ष आने वाले संभावित मामलों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पिछले साल सितंबर से अब तक 74,758 मामले दायर किए गए हैं और करीब 30,000 अतिरिक्त टोकन जारी किए गए हैं। मिश्रा ने कहा कि यह संख्या उनकी अपेक्षा से काफी कम है।

जीएसटीएटी के अध्यक्ष ने ‘बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कपड़ा सम्मेलन में कहा, ‘‘जब मैंने दायर किए गए मामलों की संख्या और टोकन की संख्या देखी, तो मुझे थोड़ी निराशा हुई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं करीब दो से ढाई लाख मामलों की उम्मीद कर रहा था। मुझे नहीं पता कि दायर किए गए मामलों की संख्या कम क्यों है। ऐसा हो सकता है कि कारोबार बंद हो गए हों या ये फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों से जुड़े मामले हों।’’

जीएसटीएटी दूसरा अपीलीय प्राधिकरण है और करदाताओं एवं कर अधिकारियों के बीच कर विवादों के निपटान के लिए एकीकृत मंच उपलब्ध कराता है।

पिछले महीने जीएसटीएटी ने उन व्यवसायों को ई-फाइलिंग पोर्टल पर टोकन जारी करने की अनुमति दी थी, जिनकी अपील दाखिल करने की समयसीमा 31 जुलाई को समाप्त हो रही थी। टोकन जारी होने के बाद व्यवसायों को न्यायाधिकरण के समक्ष मामला दायर करने के लिए 60 दिन का समय मिलता है।

अपीलीय न्यायाधिकरण के प्रमुख ने उद्योग जगत से आगे आने और कर विवादों के निपटारे के लिए जीएसटीएटी की सुविधा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।

भाषा पाण्डेय प्रेम

प्रेम