(तस्वीरों के साथ)
चंडीगढ़, दो मार्च (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2.23 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो चालू वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 2.02 लाख करोड़ रुपये से 10.28 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्रालय का भी दायित्व संभालने वाले सैनी ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए एक नई बिजली वितरण कंपनी की स्थापना के अलावा 100 करोड़ रुपये का ‘ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड’ बनाने और राज्य पुलिस बल में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव किया गया है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों से मिले करीब 5,000 सुझावों को भी बजट में शामिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में किए गए 217 वादों में से 60 को पूरा कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 28,205 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जो कुल बजट का 12.6 प्रतिशत है। पूंजीगत व्यय का मतलब बुनियादी ढांचे और स्थायी परिसंपत्तियों पर होने वाला खर्च है।
उन्होंने बताया कि विश्व बैंक ने ‘हरियाणा स्वच्छ हवा परियोजना’ के लिए 2,716 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है।
नए बजट प्रस्तावों में ‘हरियाणा एग्री डिस्कॉम’ की स्थापना भी शामिल है। यह राज्य की तीसरी बिजली वितरण कंपनी होगी, जो 5,084 कृषि फीडर और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करेगी।
सैनी ने कहा कि इस बिजली वितरण कंपनी के गठन से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ ‘हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
इस कोष के गठन का उद्देश्य शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहर को हरा-भरा बनाने, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधान में निवेश को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस में अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा और अगले साल 1,300 अग्निवीरों की विशेष भर्ती भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राज्य की आपदा तैयारी को मजबूत करने के लिए हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल का गठन किया जाएगा, जिसमें 1,149 कर्मियों को शामिल किया जाएगा और अधिकतम भागीदारी अग्निवीरों की सुनिश्चित होगी।
सैनी ने कहा, ‘मैंने हरियाणा के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वर्ष 125 दिनों के वेतन-आधारित रोजगार की गारंटी देने के लिए 610 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के हरेक विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत ‘आदर्श परीक्षा केंद्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। पहला केंद्र कुरुक्षेत्र में 25 दिसंबर, 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में पिछले साल ‘मेरा पानी-मेरी विरासत योजना’ के तहत धान की खेती छोड़ने वाले किसानों को प्रति एकड़ 8,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया गया था। अब 2026-27 में ऐसे किसानों को, जो धान की बजाय दाल, तिलहन और कपास उगाएंगे, प्रति एकड़ अतिरिक्त 2,000 रुपये बोनस दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देसी कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ प्रोत्साहन बढ़ाकर 4,000 रुपये किया जाएगा।
भाषा योगेश प्रेम
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