एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम को 45 करोड़ के भुगतान में अनियमितता के आरोप नकारे

एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम को 45 करोड़ के भुगतान में अनियमितता के आरोप नकारे

एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम को 45 करोड़ के भुगतान में अनियमितता के आरोप नकारे
Modified Date: May 27, 2026 / 07:45 pm IST
Published Date: May 27, 2026 7:45 pm IST

नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के एक उपक्रम को 45 करोड़ रुपये के भुगतान में कथित तौर पर अनियमितता बरतने के आरोपों को खारिज कर दिया।

बैंक के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि उसकी आंतरिक निगरानी एवं ऑडिट व्यवस्था मजबूत है और सभी मामलों का निपटारा स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है।

बयान में कहा गया, “हम चुनिंदा तथ्यों के आधार पर लगाए गए किसी भी तरह के गलत काम या जिम्मेदारी के आरोपों को सख्ती से खारिज करते हैं।”

यह स्पष्टीकरण उन खबरों के बाद आया है, जिनमें दावा किया गया था कि बैंक की ऑडिट समिति ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) को किए गए 45 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच शुरू की है। इन भुगतानों को कथित तौर पर विपणन खर्च के रूप में दिखाया गया था।

खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम एमएसआरडीसी को ये भुगतान उस समय किए गए थे जब बैंक के तत्कालीन चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को अचानक पद से इस्तीफा दे दिया था। चक्रवर्ती ने नैतिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।

यह पहला मौका था जब एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा, जिससे बैंक के कामकाज को लेकर सवाल उठे थे।

चक्रवर्ती को पांच मई, 2021 से इस पद पर नियुक्त किया गया था और 2024 में उनका कार्यकाल चार मई, 2027 तक बढ़ा दिया गया था।

1985 बैच के आईएएस अधिकारी चक्रवर्ती अप्रैल 2020 में आर्थिक मामलों के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इससे पहले वह निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव भी रहे थे।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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