एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने एमडी समेत तीन अधिकारियों पर लगाया एक-एक लाख रुपये का जुर्माना

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एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने एमडी समेत तीन अधिकारियों पर लगाया एक-एक लाख रुपये का जुर्माना

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 07:50 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 07:50 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल ने महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्देशों के संभावित उल्लंघन पर अपने तीन शीर्ष अधिकारियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) शशिधर जगदीशन, मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) श्रीनिवासन वैद्यनाथन और समूह प्रमुख (खुदरा परिसंपत्ति) अरविंद वोहरा पर यह जुर्माना लगाया गया है।

इस मामले में शामिल अन्य कर्मचारियों को चेतावनी पत्र भी जारी किए गए हैं। यह मामला 2017 से 2021 के बीच एमएसआरडीसी से बड़ी जमा राशि जुटाने से जुड़ा हुआ है। आरोप था कि इसके लिए विपणन खर्च मद के तहत करीब 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि स्वतंत्र निदेशकों की विशेष अनुशासन समिति की जांच और सिफारिशों के आधार पर 23 जुलाई, 2026 को हुई बोर्ड बैठक में यह निष्कर्ष निकाला गया कि संबंधित कर्मचारियों का आचरण व्यावसायिक सीमा से आगे बढ़ने वाला था।

बैंक ने कहा कि इसमें किसी तरह की दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई, व्यक्तिगत लाभ या अनुचित मंशा के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, आरबीआई के दिशानिर्देशों के संभावित उल्लंघन को देखते हुए बोर्ड ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना और चेतावनी पत्र जारी करने का फैसला किया।

बैंक ने कहा कि मामले की जानकारी आरबीआई को भी दी जाएगी।

यह कार्रवाई बैंक के अंशकालिक चेयरमैन के रूप में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार की नियुक्ति के तुरंत बाद हुई है। आरबीआई ने हाल ही में कुमार की तीन साल के लिए नियुक्ति को मंजूरी दी है।

हालांकि, बैंक के प्रवक्ता ने मई में मीडिया रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में किसी भी गलत काम से इनकार किया था। खबरों में दावा किया गया था कि बैंक की ऑडिट समिति ने एमएसआरडीसी को किए गए 45 करोड़ रुपये के भुगतान को लेकर औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच शुरू की थी, जिसे कथित तौर पर विपणन खर्च के रूप में दिखाया गया था।

बैंक के प्रवक्ता ने कहा था कि बैंक की आंतरिक निगरानी और ऑडिट व्यवस्था मजबूत है तथा सभी मामलों को स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार निपटाया जाता है। उन्होंने चयनित सामग्री के आधार पर किसी गलत काम या जवाबदेही की धारणा को खारिज किया था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय