देहरादून, 27 सितंबर (भाषा) भारत के उच्च शिक्षण संस्थान बुधवार को कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए देश में अपनी तरह के पहले ‘कृषि-गठजोड़’ बनाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए।
भारतीय प्रबंध संस्थान-काशीपुर में संपन्न हुए ‘दक्षिण एशिया में कृषि-उद्यमिता’ गठबंधन-2023 में भाग लेने वाले उच्च शिक्षण संस्थानों ने इस संबंध में एक सैद्धांतिक रूपरेखा अपनाई ।
संस्थान द्वारा यहां जारी एक बयान के अनुसार, दो दिन के कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग के पेशेवरों को कृषि उद्योग में प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, वित्तपोषण के अवसर और जरूरतों के बारे में बातचीत के लिए एक साझा मंच प्रदान करना था।
उच्च शिक्षण संस्थान इस संबंध में स्टार्टअप डेटाबेस साझा करने और सर्वोत्तम व्यवहार को साझा करने पर सहमत हुए।
यह कार्यक्रम कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सहयोग से संस्थान के इन्क्यूबेशन सेंटर, फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफआईईडी) द्वारा आयोजित किया गया था।
संस्थान के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने कहा, “यह कृषि—गठजोड़ देश के विभिन्न हिस्सों के सदस्य उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा समर्थित कृषि-स्टार्टअप पर जानकारी साझा करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।’
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