नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और नई परियोजनाओं की कम आपूर्ति के कारण देश के नौ प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान घरों की बिक्री सालाना आधार पर 13 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98,761 इकाइयों पर आ गई। रियल एस्टेट क्षेत्र की शोध कंपनी प्रॉपइक्विटी की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।
प्रॉपइक्विटी के अनुसार, 18 तिमाहियों के बाद पहली बार बिक्री एक लाख इकाइयों से नीचे आई है। इन शहरों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की समान अवधि में 1,13,602 इकाइयों की तुलना में इस वर्ष बिक्री घटकर 98,761 इकाइयों रह गई। वहीं, पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के 1,05,527 इकाइयों के मुकाबले भी इसमें छह प्रतिशत की कमी आई है।
प्रॉपइक्विटी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) समीर जसूजा ने कहा कि 2026 की पहली तिमाही में आवास क्षेत्र की बिक्री में नरमी बनी रही। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु इसका अपवाद रहे।
उन्होंने कहा कि अधिकांश शहरों में कम आपूर्ति के कारण यह गिरावट आई है और इस तिमाही में पिछले साल की तुलना में करीब 22,000 कम इकाइयों की आपूर्ति हुई।
इस अवधि में नई आपूर्ति 19 प्रतिशत घटकर 92,411 इकाइयों रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 1,14,718 इकाई थी। वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले नई परियोजनाओं की शुरुआत में आठ प्रतिशत की कमी आई।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से खरीदारों का रुझान प्रभावित हुआ है।
शहरवार आंकड़ों में बेंगलुरु में बिक्री तीन प्रतिशत बढ़कर 17,991 इकाइयों पर पहुंच गई, जबकि दिल्ली-एनसीआर में यह 13 प्रतिशत बढ़कर 12,141 इकाई हो गई। इसके विपरीत चेन्नई में चार प्रतिशत की गिरावट के साथ बिक्री 4,765 इकाई रही और हैदराबाद में 16 प्रतिशत घटकर 11,546 इकाई रह गई।
मुंबई में घरों की बिक्री 20 प्रतिशत घटकर 9,186 इकाई रह गई। नवी मुंबई में 14 प्रतिशत गिरावट के साथ 7,157 इकाइयां बिकीं, जबकि ठाणे में 24 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 15,959 इकाइयों की बिक्री हुई। पुणे में बिक्री 25 प्रतिशत घटकर 16,144 इकाइयों पर आ गई और कोलकाता में आठ प्रतिशत की कमी के साथ यह 3,872 इकाई रही।
भाषा योगेश अजय
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