मुंबई, सात मई (भाषा) वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम ने बृहस्पतिवार को योत्ता डेटा सर्विसेज के साथ साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत भारत में एक ऐसा कृत्रिम मेधा (एआई) मंच विकसित किया जाएगा जो कंपनियों और सरकारी संस्थानों के कई कामों को स्वचालित और आसान बनाएगा।
यह एक ऐसा एआई सिस्टम होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), मानव संसाधन, वित्त, खरीद और ग्राहक सेवा जैसे अलग-अलग विभागों में ‘डिजिटल सहायक’ की तरह काम करेगा और कई प्रक्रियाओं को खुद या आंशिक रूप से संभाल सकेगा।
कंपनी के बयान के मुताबिक, यह मंच ‘आईबीएम वाटसनएक्स ऑर्केस्ट्रेट’ पर आधारित होगा और इसे योत्ता के ‘शक्ति क्लॉउड’ पर चलाया जाएगा।
इस मंच के गठन का एक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संस्थाएं एआई का उपयोग करते हुए भी अपने डेटा को सुरक्षित और देश के भीतर रख सकें। इसके साथ ही यह सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और पारदर्शिता जैसे मानकों का भी पालन करेगा।
योत्ता के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुनील गुप्ता ने कहा कि यह साझेदारी सुरक्षित और भारत-आधारित क्लाउड पर एआई की क्षमता का उपयोग करने में मदद करेगी, जिससे संगठन अपने डेटा पर नियंत्रण बनाए रखते हुए नवाचार कर सकेंगे।
बयान के मुताबिक, दोनों कंपनियों की योत्ता के शक्ति क्लाउड पर आईबीएम का सॉवरेन कोर भी लाने की योजना है।
आईबीएम (भारत एवं दक्षिण एशिया) के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल ने कहा, ‘यह सहयोग हमारी एआई क्षमता को योत्ता के सॉवरेन क्लाउड ढांचे से जोड़ेगा जिससे संगठन जिम्मेदारी के साथ एआई का विस्तार कर सकेंगे और शुरुआत से ही डेटा संप्रभुता, शासन, पारदर्शिता और भरोसे जैसे पहलुओं को सुनिश्चित किया जा सकेगा।’
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण