Income Tax Rules 2026 Notification : 1 अप्रैल से बदलेंगे इनकम टैक्स के नियम, EV चलाने वालों को बड़ा फायदा, जानें आपकी सैलरी पर क्या होगा असर

भारत सरकार के नए इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत 1 अप्रैल 2026 से HRA, EV लाभ और डिजिटल ट्रांजैक्शन रिपोर्टिंग के नियम बदल जाएंगे। इससे सैलरीड क्लास की टेक-होम सैलरी और टैक्स प्लानिंग पर सीधा असर पड़ेगा।

Income Tax Rules 2026 Notification : 1 अप्रैल से बदलेंगे इनकम टैक्स के नियम,  EV चलाने वालों को बड़ा फायदा, जानें आपकी सैलरी पर क्या होगा असर

Income Tax Rules 2026 Notification / Image Source : AI GENERATED

Modified Date: March 22, 2026 / 07:26 pm IST
Published Date: March 22, 2026 7:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने वालों को टैक्स में नई छूट मिलेगी।
  • कई शहरों में HRA छूट 50% तक बढ़ाई गई।
  • क्रिप्टो और डिजिटल लेन-देन पर रिपोर्टिंग सख्त होगी।

नई दिल्ली : Income Tax Rules 2026 Notification अगले वित्त वर्ष 1 अप्रैल 2026 की शुरुआत के साथ ही करदाताओं के लिए टैक्स की दुनिया बदलने वाली है। सरकार ने इनकम टैक्स रूल्स 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। हालांकि टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन भत्तों (Allowances) और डिजिटल रिपोर्टिंग के नियमों को पूरी तरह बदल दिया गया है। इसका सीधा असर मध्यम वर्ग और सैलरीड क्लास की ‘टेक-होम’ सैलरी पर पड़ेगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए खुशखबरी

पहली बार सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को परक्विजिट वैल्यूएशन रूल्स में जगह दी है। अब ऑफिस आने-जाने के लिए ईवी इस्तेमाल करने वालों को सीधा टैक्स लाभ मिलेगा। अगर कंपनी गाड़ी का खर्च उठाती है, तो 5,000 और ड्राइवर के साथ ₹8,000 का फायदा होगा। निजी खर्च पर ईवी चलाने वालों को 2,000 और ड्राइवर के साथ 5,000प्रति माह की छूट मिलेगी। यह कदम पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

HRA में बड़ा उलटफेर , बेंगलुरु-पुणे में जश्न, NCR में मायूसी

किराए के मकान में रहने वालों के लिए HRA छूट के नियम बदल गए हैं। अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे उभरते शहरों को भी 50% HRA छूट वाली श्रेणी में शामिल कर लिया गया है, जो पहले सिर्फ चार महानगरों तक सीमित था। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर (नोएडा और गुरुग्राम) के कर्मचारियों के लिए यह खबर निराशाजनक है, क्योंकि उन्हें अभी भी 40% HRA की श्रेणी में ही रखा गया है, जबकि वहां रहने का खर्च काफी अधिक है।

डिजिटल ट्रांजैक्शन और क्रिप्टो पर सख्त नजर

सरकार ने अब क्रिप्टो-एसेट्स, डिजिटल करेंसी और ई-मनी के जरिए होने वाले लेन-देन पर पहरा कड़ा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानकोंके तहत अब निवेशकों को अपनी हर डिजिटल संपत्ति की जानकारी टैक्स विभाग को देनी होगी। वहीं, कॉरपोरेट जगत और चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए कागजी कार्रवाई आसान की गई है; अब ट्रस्टों को अपने रिकॉर्ड 10 साल के बजाय केवल 6 साल तक ही संभाल कर रखने होंगे।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..